यहां है सबसे ज्यादा महंगाई दो चम्मच तेल खरीदने को मजबूर लोग

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highest inflation

महंगाई आम आदमी के प्राण ले रही है और सरकार मौज ले रही है. मौज इसलिए क्योंकि सरकार कहती है कि महंगाई तो है ही नहीं. क्या ऐसा ये तो आप बेहतर जानते होंगे. खैर हम यहां उस जगह की बात करने जा रहे हैं जहां सरकार महंगाई से मुंह चुराती रही और अब हालत ये है कि लोग दो चम्मत खाने का तेल खरीदने के लिए मजबूर हैं. यहां सबसे ज्यादा महंगाई है.

अफ्रीकी देश है नाइजीरिया और इसकी आर्थिक राजधानी है लागोस. यहां हालात इतने खराब हैं कि लोग दो ग्राम टूथपेस्ट और दो चम्मच खाने का तेल खरीद रहे हैं. लोग तेल, साबुन और मसालों के बड़े पैकेट छोड़कर माइक्रोसाइज पैकेट खरीद रहे हैं और कंपनियों ने भी इन छोटे पैकेट में चीजें बेचनी शुरू कर दी हैं. इनमें 5 ग्राम का टूथपेस्ट सैशे और 10 मिलीलीटर तेल की पुड़िया भी शामिल है. प्लास्टिक के पाउच में बंद ये प्रोडक्ट्स सस्ते हैं और तुरंत इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

यहां क्यों है सबसे ज्यादा महंगाई?

अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे ज्यादा आबादी वाले देश नाइजीरिया पर कोरोना वायरस ने करारी चोट की. 2021 में महंगाई 17 फीसदी बढ़ गई और इसके कारण 60 लाख लोग गरीबी का शिकार बन गए. अब यूक्रेन युद्ध हालात को और दुश्वार बना रहा है. जून 2022 में महंगाई दर 18 फीसदी पर पहुंच गई. खाने का तेल और अनाज बहुत महंगा हो गया. विश्व बैंक का अनुमान है कि मौजूदा हालात ने आधे नाइजीरिया को गरीबी में धकेल दिया है.

नाइजीरिया एक गंभीर संकट में कसता जा रहा है. लोगों की खर्च क्षमता घटने का सीधा असर बड़े ब्रांड्स पर पड़ा है. वे बाजार छोड़ रहे हैं, इस तरह नौकरियां घट रही हैं और पूरी सप्लाई चेन धराशायी होने की तरफ बढ़ रही है. 2016 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम गिरने से नाइजीरिया की अर्थव्यवस्था मंदी का शिकार हो गई. जरा सी रिकवरी होते ही कोविड आ गया और अब यूक्रेन युद्ध.

तेल से लबालब है ये अफ्रीकी देश

नाइजीरिया अफ्रीकी महाद्वीप का सबसे बड़ा और दुनिया का 11वां बड़ा तेल उत्पादक है. 2020 में देश में 18 पाइपलाइनों के जरिए हर दिन 18 लाख बैरल तेल निकाला जा रहा था. यूक्रेन युद्ध के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों का फायदा नाइजीरिया को मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है?

असल में नाइजीरिया कच्चा तेल निकालता तो है, लेकिन देश में कोई ऑपरेशनल रिफाइनरी नहीं है. नाइजीरिया सारा कच्चा तेल एक्सपोर्ट करता है और फिर उससे छनकर बनने वाला पेट्रोल, डीजल और कैरोसिन विदेशों से खरीदता है. देश में तीन तेल रिफाइनरियां हैं, लेकिन तीनों बंद पड़ी हैं.

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