थकान और कमजोरी दूर करना है जरूरी, लेकिन कैसे ?…5 देसी नुस्खे

थकान और कमजोरी (thakan aur kamjori) महसूस होती है. कुछ अच्छा नही लगता. अंदर से कुछ करने का मन नहीं करता. ऐसे में क्या करें ? कोविड के समय में ये कई लोगों के सवाल हैं. ऐसे में ये जरूरी है की आप कुछ देसी नुस्खे अपनाएं.

थकान और कमजोरी (thakan aur kamjori) ये दो समस्याएं इस समय कई लोगों को परेशान कर रहीं हैं. अक्सर लंबे समय से चले आ रहे बुखार या ज्यादा श्रम करने के बाद शरीर एकदम सुस्त सा महसूस करता है. शरीर में कमजोरी आने से इसका सीधा असर हमारी कार्यक्षमता पर पड़ता है. लगातार कंप्यूटर पर बैठे रहना, खानपान के समय में अनियमितता और तनाव भरा जीवन मानसिक और शारीरिक तौर से थका देता है. इस सप्ताह आपको कुछ ऐसे नुस्खे बताने जा रहा हूं जिनका इस्तेमाल कर आप भी शरीर की थकान और तनाव को दूर तो कर ही सकते हैं साथ ही नियमित जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं.

थकान और कमजोरी (thakan aur kamjori) दूर करने के देसी तरीके

कोविड के समय में जितने तरह के आहार और देसी दवा आपको मदद कर रही है वो अपने आप में खास है. यहां हम आपको कुछ देसी नुस्खे बताने जा रहे हैं जो आपको ऊर्जावान बनायेंगे.

थकान और कमजोरी के 5 उपाय

कद्दू के बीज

ग्रामीण इलाकों में जी मचलना, थकान होना या चिंतित और तनावग्रस्त व्यक्ति को कद्दू के बीजों को शक्कर के साथ मिलाकर खिलाया जाता है। कद्दू के करीब 5 ग्राम बीज और इतनी ही मात्रा में मिश्री या शक्कर की फांकी मारी जाए तो बेहद फायदा होता है। ये मानसिक तनाव भी दूर करते हैं.

आलू

बुखारे के सेवन से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, कब्जियत दूर होती है और पेट की बेहतर सफाई होती है। इन फलों में पाए जाने वाले फ़ाइबर्स और एंटी ऑक्सिडेंट्स की वजह से पाचन क्रिया ठीक तरह से होती है और शरीर की कोशिकाओं में मेटाबोलिज्म की क्रिया सुचारू क्रम में होती है। इन फलों में सिट्रिक एसिड पाया जाता है जो कि थकान दूर करने में सहायक होता है और इसके सेवन से लीवर यानि यकृत तथा आंतो की क्रियाविधियां सुचारू रहती हैं अत: आलू-बुखारा खाने से शरीर में जमा अतिरिक्त वसा या ज्यादा वजन कम करने में मदद होती है और व्यक्ति शारीरिक तौर पर बेहद स्वस्थ महसूस करता है.

पीपल

पीपल के पेड़ से निकलने वाली गोंद को शारीरिक ऊर्जा के लिए उत्तम माना जाता है। मिश्री या शक्कर के साथ पीपल की करीब एक ग्राम गोंद मात्रा लेने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और यह थकान मिटाने के लिए एक कारगर नुस्खा माना जाता है. प्रतिदिन इसका सेवन करते रहने से बुजुर्गों की सेहत भी बनी रहती है.

तुलसी

पातालकोट के आदिवासी हर्बल जानकार तुलसी को थकान मिटाने वाली एक औषधि मानते है, इनके अनुसार अत्यधिक थकान होने पर तुलसी के पत्तियों और मंजरी के सेवन से थकान दूर हो जाती है.

तरबूज के छिलके

गुजरात के आदिवासी तरबूज के छिलकों की आंतरिक सतह को काटकर आदिवासी इनका मुरब्बा तैयार करते हैं, माना जाता है कि यह बेहद शक्तिवर्धक होता है. कुछ इलाकों में लोग इसके छिलकों को बारीक काटकर सुखा लेते हैं और चूर्ण तैयार कर लिया जाता है. इस चूर्ण की आधी चम्मच मात्रा प्रतिदिन सुबह खाली पेट लेने से शरीर में ताकत का संचार होता है और कई तरह की व्याधियों में राहत भी मिलती है, शतावरी की जड़ों मे सेपोनिन्स और डायोसजेनिन जैसे महत्वपूर्ण रसायन पाए जाते है। इसके पत्तों का सत्व कैंसर में उपयोगी है.

कोविड #staystrongindia के समय में थकान और कमजोरी दूर करने के लिए आप भी ही देसी नुस्खे अपना सकते है और खुद को ऊर्जा से लबालब भर सकते हैं.

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