नीरव मोदी कब भारत आएगा?…UK कोर्ट ने दी प्रत्यर्पण की मंजूरी

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नीरव मोदी के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है. यूके की एक अदालत ने भगोड़े हीरा व्यापारी के भारत प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दे दी है.

यूके कोर्ट ने नीरव मोदी की जमानत याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा है कि भारत में उनके रहने के लिए जेलों में ठीक-ठाक व्यवस्था है. गुरुवार को इस मामले में कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया और कहा कि मुंबई की आर्थर रोड जेल उनके लिए ठीक रहेगी. तब तक नीरव मोदी को कस्टडी में रखा जाएगा. कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है. जस्टिस सैमुअल गूज़ी ने कहा कि नीरव मोदी पर जो आरोप हैं उसके जवाब उन्हें भारत में देने चाहिए.

नीरव मोदी वीडियो लिंक के ज़रिए कोर्ट में उपस्थित हुए

कोरोना लॉकडाउन के कारण नीरव मोदी वीडियो लिंक के ज़रिए कोर्ट में उपस्थित हुए थे. नीरव मोदी काला जैकेट पहने हुए थे और उनकी दाढ़ी भी बढ़ी हुई थी. वो बेहद गंभीरता के साथ जज के सामने फ़ैसला सुनते दिखे. जस्टिस सैमुअल गूज़ी ने कहा, “प्रथमदृष्टया ये मामला पैसों की धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है.” कोर्ट ने भारतीय पक्ष की दलील को माना और कहा कि इस मामले में गवाहों को बहकाया गया है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है. जज ने कहा, “ऐसा नहीं लगता कि नीरव मोदी आत्महत्या करेंगे. कोर्ट को यकीन है कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है तो भी वो अपना पक्ष रख सकेंगे. ऐसा नहीं लगता कि उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाए तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.”

नीरव मोदी का चाचा भी है आरोपी

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर लंदन की अदालत में साल 2019 से मामला चल रहा है. बैंक धोखाधड़ी के मामले में नीरव के चाचा मेहुल चौकसी पर भी आरोप लगाए गए हैं. पीएनबी बैंक घोटाले के सामने आने से पहले दोनों ही जनवरी में देश छोड़कर भाग गए थे. मेहुल चौकसी एंटीगुआ और बारबाडोस की नागरिकता ले चुके हैं. पंजाब नेशनल बैंक से 14000 करोड़ रुपये के ग़बन के संबंध में सीबीआई और ईडी ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. सीबीआई ने नीरव मोदी के ख़िलाफ़ जो दो मामले दर्ज किए हैं उनमें नीरव मोदी की बहन पूर्वी मेहता और उनके पति मयंक मेहता को अभियुक्त नहीं बनाया गया है.

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