राजस्थान और तेलंगाना: 318 सीटें पर 4000 से भी ज्यादा प्रत्याशी मैदान में

राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. दोनों ही राज्य महत्वपूर्ण हैं और इन राज्यों की नतीजे 2019 के लिए एक ट्रेंड सैट करेंगे. तेलंगाना दक्षिण भारत का एक प्रमुख राज्य है और राजस्थान देश का क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है.

राजस्थान में करीब पौने पांच करोड़ मतदाता हैं. 199 सीटों पर 2274 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा. राज्य में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर बसपा उम्मीदवार के निधन के चलते चुनाव स्थगित कर दिया गया है.

तेलंगाना में 119 सीटों के लिए 1821 उम्मीदवार मैदान में हैं, करीब पौने तीन करोड़ मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. यहां सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति के सामने कांग्रेस-टीडीपी और सीपीआई का गठबंधन है.

तेलंगाना में बदल गए हैं समीकरण

तेलंगाना में इस बार समीकरण बदले हुए हैं. सत्ताधारी टीआरएस के सामने कांग्रेस-टीडीपी गठबंधन ने बड़ी चुनौती पेश की है. गठबंधन के तहत कांग्रेस ने 99 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. टीडीपी ने 11 और सीपीआई तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. BJP ने यहां 118 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

2019 के चुनावों में होगा असर

जिन दो राज्यों में आज मतदान हो रहा है उन दोनों ही राज्यों के नतीजे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के नतीजों के साथ11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे. बहुत महत्वपूर्ण होगा ये देखना कि नतीजे किसके पक्ष में आते हैं क्योंकि राजस्थान में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच है. यहां बीते 20 सालों में कोई भी पार्टी दोबारा सत्ता पर कब्जा नहीं जमा पाई है. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी 15 सालों से सत्ता में है, मिजोरम में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.