वो ‘संकल्प’ जो राजस्थान में BJP को सत्ता दिलाएंगे ?

जयपुर: 7 दिसंबर को राजस्थान की करीब 7 करोड़ की आबादी अगले पांच साल के लिए नई सरकार चुनेगी. 11 दिसंबर को तय होगा कि राजवाड़ों के इस सूबे का सत्ताधारी दल कौन होगा ? लेकिन उससे पहले सियासी दलों ने संकल्प और वचन पत्र  जारी कर दिए हैं. अब वो दौर गए जब राजनीतिक पार्टियां घोषणा पत्र जारी करती थीं. अब सियासत के सिपाही आवाम को लुभाने और रिझाने के लिए संकल्प लेते हैं और वचन देते हैं. ऐसे वक्त में जब राजस्थान से एक नारा बुलंद हो रहा है कि ‘मोदी तुझसे बैर नहीं वसुंधरा तेरी खैर नहीं’ तब राजस्थान में बीजेपी ने ये संकल्प लिए हैं.

बीजेपी के घोषणापत्र की खास बातें

  1. बीजेपी ने घोषणापत्र गौरव संकल्प-2018 के नाम से जारी किया है. इसमें 50 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया गया है.
  2. शिक्षित बेरोजगारों को 5 हजार का महंगाई भत्ता, हर साल 30 हजार सरकारी नौकरियां दी जाएंगी.
  3. नाथ संप्रदाय को लुभाने के लिए ‘गोरखधंधा’ शब्द पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
  4. ग्रामीण क्षेत्रों को 108 एंबुलेंस सेवाओं से जोड़ा जाएगा. कॉलेज जाने वाले हर मेधावी छात्र को लैपटॉप या स्मार्टफोन.
  5. किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 250 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनेगा. फसल खरीद प्रक्रिया को और पारदर्शी किया जाएगा.
  6. बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को देश से बाहर भेजा जाएगा. पाकिस्तान से विस्थापित हिंदुओ को बसाया जाएगा.
  7. 1 लाख करोड़ के सहकारी कर्ज 5 साल में दिए जाएंगे.
  8. राज्य कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपये किया जाएगा. 2400 से 2800 पे ग्रेड खत्म कर विभिन्न भत्तों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से लागू किया जाएगा.

 

पांच साल पहले जब राजस्थान में चुनाव हुए थे तो बीजेपी ने विकास के तमाम वादे थे. अब सीएम साहिबा दावा कर रही हैं वादे पूरे हुए. सवाल ये है कि वादे पूरे हुए तो फिर दावा करने की क्या जरूरत है.

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