अगर कवि कुमार विश्वास सपा में शामिल हो गए तो…

राजनीति का रंग निराला है… यहां दिन में अंधेरा और रात में उजाला है. जी हां सियासत कब कौन सी करवट ले इसका सटीक अनुमान लगाना बहुत मुश्किल काम है. अब यूपी की ही बात कर लीजिए. कुछ महीनों बाद यहां चुनाव हैं लेकिन उससे पहले कुमार विश्वास ने अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के साथ मंच साझा करके एक नई बहस को हवा दे दी है.

क्या कुमार विश्वास समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं? यह प्रश्न उत्तर प्रदेश में लोग जरूर पूछ रहे हैं क्योंकि लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कवि कुमार विश्वास ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव की किताब राजनीति के उस पार के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होकर यूपी में सियासी हवा को नया मोड़ दे दिया है. इसके कई कारण भी हैं. पहला कारण तो यह है कि कुमार विश्वास अपनी पहली राजनीतिक पारी में असफल हुए और अब वह कवि सम्मेलन और मुशायरा में अपनी असफलता का जिक्र करने से हिचकते नहीं है लेकिन उनके मन में राजनीति से गहरा लगाव है इसके संकेत भी वह देते रहते हैं.

तो स्वभाविक है कि लोगों के जेहन में यह सवाल आए कि क्या कुमार विश्वास समाजवादी पार्टी के साथ अपनी राजनीति की दूसरी पारी का आगाज कर सकते हैं. वह अच्छे वक्ता हैं, सियासी समझ भी रखते हैं और लोगों के बीच उनकी फैन फॉलोइंग भी है. लिहाजा यह प्रश्न उठना लाजमी है की वह दोबारा राजनीति में आ सकते हैं या नहीं. वहीं अगर दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के संदर्भ में देखें तो कुमार विश्वास अखिलेश यादव के लिए कई मायनों में मददगार साबित हो सकते हैं. सपा को एक अच्छा वक्ता मिल जाएगा जो किसी भी मुद्दे पर सामने वाले को धूल चटा सकता है. जिसकी जरूरत सपा को है भी.

प्रोफेसर रामगोपाल की किताब के विमोचन के मौके पर कुमार विश्वास को सपा में लाने का जिक्र भी हुआ. मुलायम सिंह यादव ने खुद कुमार को सपा ज्वाइन कराने का ऑफर दिया. मुलायम सिंह ने कुमार विश्वास को पार्टी में शामिल कराने की इच्छा वरिष्ट कवि उदय प्रताप से कही. उदय प्रताप ने इस कार्यक्रम में आगे इस बात को सबके सामने रख दिया. उन्होंने कहा, ‘कुमार विश्वास बड़े कवि के तौर पर जाने जाते हैं. नेताजी ने मुझसे कानों में कहा कि अगर वो किसी पार्टी में नहीं हैं तो तुम उन्हें समाजवादी पार्टी में क्यों नहीं आते.’ इसके बाद जब विश्वास मंच पर आए तो उन्होंने राजनीति में अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा ‘मैं कहीं नहीं था.’

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कुमार विश्वास ने राजनीति में अपने बुरे अनुभव साझा किए और नेताजी मुलायम सिंह यादव की जी भर के तारीफ की. उन्होंने अखिलेश यादव से कहा, आप संघर्ष करिए. लेकिन अब भी बहुत सारे लोगों को इस बात की उम्मीद है कि भविष्य में कुमार विश्वास समाजवादी पार्टी से जुड़ सकते हैं. हालांकि उसके बाद अखिलेश यादव ने संजय सिंह से मुलाकात की और एक ट्वीट करके बदलाव का जिक्र किया. तो भविष्य में क्या होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन उत्तर प्रदेश के सियासी वर्तमान में रोज नए कारनामे हो रहे हैं. आप भी इनका लुत्फ लीजिए.

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