कैबिनेट कमेटी क्या होती है और इसका गठन कैसे होता है?

modi and amit shah

आजकल कैबिनेट कमेटी का जिक्र खूब हो रहा है. हो इसलिए रहा है क्योंकि मोदी सरकार पार्ट -2 में बनी कैबिनेट कमेटी में राजनाथ सिंह को सिर्फ 2 कमेटी में जगह दी गई. इस खबर के बाद लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए, लोग कहने लगे कि राजनाथ सिंह को किनारे लगाने का काम शुरु हो गया है. इस खबर ने जैसे ही तूल पकड़ा मोदी की बनाई सभी 8 कैबिनेट कमेटियों में राजनाथ को जगह मिल गई. तो आखिर ये कैबिनेट कमेटी होती क्या है और इसके पास कितनी ताकत होती है. क्यों इस कमेटी को सहस्य होने से ताकत बढ़ जाती है.

आपको बता दें कि भारत सरकार ने साल 1961 से कैबिनेट कमेटी गठन की शुरुआत की थी और इसके लिए कानून की भी व्यवस्था की गई थी. जो कानून बनाया गया है उसका नाम है ‘गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया ट्रांज़ैक्शन ऑफ़ बिज़नेस रूल्स, 1961 यानी ‘टीबीआर’. कैबिनेट के मुखिया प्रधानमंत्री होते हैं और उन्हें ही अधिकार होता है कि वो कैबिनेट की कमेटियों का गठन करें. इन कमेटियों का काम होता है कि सरकार का संचालन सुचारू ढंग से हो और नीतिगत फैसले लेने में आसानी हो. इन कमेटियों में केवल और केवल कैबिनेट के सदस्य होते हैं.

यहां आपको ये भी बता दें कि कैबिनेट कमेटी दो तरह की होती है एक कैबिनेट कमेटी और दूसरी संसदीय कमेटी. संसदीय कमेटी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाता है और कैबिनेट में सिर्फ कैबिनेट मंत्री ही शामिल होते हैं. कुछ मौके ऐसे भी आए जब कुछ सांसदों को इसमें जगह दी गई है. आजादी के बाद सिर्फ रक्षा और वित्तीय मामलों के लिए कैबिनेट कमेटियां बनाई गईं थीं.

यहां आपको ये भी बता दें कि कमेटियां कितनी होंगी इसकी कोई संख्या तय नहीं है. प्रधानमंत्री जितनी चाहे कमेटी बना सकता है. अलग अलग सरकारों कैबिनेट कमेटियों की संख्या अलग अलग रही है. लेकिन एक बात तय होती है कि सभी कमेटियों के प्रमुख प्रधानमंत्री होते हैं और कमेटियों की अनुशंसा पर ही मंत्री परिषद नीतिगत फैसले लेता है. यहां एक बात और जान लीजिए कि संसदीय कार्य और आवास कमेटी में प्रधानमंत्री नहीं होते हैं.

मोदी सरकार पार्ट 2 में निवेश विकास और रोजगार कौशल विकास नाम की दो नई कमेटियां बनाई गई हैं. अभी पीएम मोदी ने 8 कमेटियां बनाई हैं जिसमें सभी कमेटियों में गृहमंत्री अमित शाह को जगह दी गई है. कैबिनेट में कितने सदस्य होंगे ये भी पहले से तय नहीं होता कभी कभी सदस्य संख्या 2 भी होती है और कभी कबी 12 सदस्य भी इन कमेटियों में होते हैं.

About Post Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.