BJP ने कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा चंदा जुटाया, टाटा ने 600 करोड़ का चंदा दिया

BJP

चुनाव में किस पार्टी को कितना चंदा मिला है ये हमेशा अहम सवाल रहा है. अब खबर आ रही है कि अकेले टाटा ने 600 करोड़ का चंदा दिया है.

टाटा ग्रुप ने कुल चंदे में से आधे से ज्यादा यानी करीब 300 से 350 करोड़ रूपया अकेले बीजेपी के हिस्से गया है. टाटा ने सिर्फ 50 करोड़ रूपये कांग्रेस को दिए हैं. टाटा ने ये पैसा अपने चुनावी ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न राजनैतिक पार्टियों को दिया है. इतना ही नहीं राजनीतिक पार्टियों को करीब 25 करोड़ रुपए का कर्ज भी दिया था. टाटा ग्रुप ने 2019 के आम चुनाव के लिए चुनावी चंदे में 20 गुना की भारी भरकम बढ़ोत्तरी की है. टाटा ग्रुप अपने ट्रस्ट ‘प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट’ के माध्यम से राजनैतिक पार्टियों को चंदे देता है.

टाटा की ओर से मिले चंदे का सबसे बड़ा हिस्सा बीजेपी के खाते में गया है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप द्वारा दिए गए कुल चंदे में से 300-350 करोड़ रुपए का सबसे बड़ा हिस्सा अकेले भाजपा को मिला है. टाटा ग्रुप की सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस ने इस चंदे में सबसे ज्यादा 220 करोड़ रुपए दिए हैं. टाटा ने प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट की शुरुआत साल 2013 में की गई थी. ये इलेक्टोरल ट्रस्ट कंपनी एक्ट की धारा 8 के तहत रजिस्टर्ड  एक गैर लाभकारी ट्रस्ट होते हैं जो राजनीति में पैदा देते हैं.

अगर राजनीति पार्टियों को मिले चंदे की बात करें तो एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2017-18 में भारतीय जनता पार्टी को अन्य राजनैतिक पार्टियों की तुलना में 12 गुना ज्यादा चंदा मिला है. राजनीति में चंदे को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं.

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