क्या वाकई मेनका गांधी को मुस्लिम वोटरों से फर्क नहीं पड़ता, खुलेआम दे डाली धमकी

सुलतानपुर : भाजपा की वरिष्ठ नेता और गांधी परिवार की मेनका गांधी ने खुलेआम हिंदू-मुस्लिम की बात कहकर विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि वो मुसलमानों के बिना जीत रही हैं, मुसलमान अभी साथ आ जाएं, फिर काम के वक्त आएंगे तो अच्छा नहीं लगेगा।

सुल्तानपुर में एक जनसभा के दौरान बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी ने मुसलमानों को संबोधित किया. मेनका ने मुसलमानों से कहा है कि

‘मैं जीत रही हूं, आपके साथ भी जीत रही हूं आपके बिना भी जीत रही हूं. आप वोट देंगे तो अच्छा होगा नहीं तो फिर आप काम कराने के लिए आएंगे तो काम नहीं होगा. मन खट्टा हो जाता है. ‘

ओवर कांफिडेंस से लबरेज मेनका गांधी यहीं नहीं रुकीं। मुस्लिम की सामने ही उन्होंने सिर्फ हिंदू वोटरों के दम पर जीतने की बात कही।

सीट पक्की है, इसलिए मुसलमानों को नहीं दे रहीं सम्मान

मेनका गांधी ने अपनी लोकप्रियता को भुनाने की पूरी कोशिश की। हर बार जीत रहीं मेनका गांधी मुसलमानों को धमकी भरे लहजे में कहा कि मुसलमान काम के लिए आते हैं, यह अच्छी बात नहीं। जीत तो मैं हिंदू वोटरों से ही जाऊंगी, पर इस वक्त मुसलमान भी साथ आ जाएं।

गांधी जी का उड़ाया मज़ाक

मेनका गांधी ने कहा कि ”हम महात्मा गांधी की छठी औलाद नहीं हैं कि सिर्फ देते ही जाएं यह तो नहीं हो सकता। आप साथ में है तब जीतेंगे, नहीं है तब भी। ‘

इस बार भाजपा को बदलनी पड़ी सीट

शीर्ष नेतृत्व ने मेनका गांधी की सीट बदली है। वह पीलीभीत की बजाय सुलतानपुर से लड़ रही हैं। यहां से उनके बेटे वरुण गांधी जीते थे। अब वरुण गांधी पीलीभीत से लड़ रहे हैं। पीलीभीत में मेनका का विरोध भी देखने को मिला था।

जिताऊ चेहरा हैं मेनका गांधी

भाजपा के लिए मेनका गांधी जिताऊ चेहरा हैं। पीलीभीत और सुलतानपुर में गांधी परिवार की इन दो मां-बेटे का कब्जा है। शायद यह बात मेनका भी बखूबी समझती हैं, इसीलिए बिना किसी हार के डर के वह हिंदू-मुस्लिम की बात कर रही हैं।  

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