यूपी बजट 2019: गाय और गरीब किसानों के लिए योगी सरकार खर्च करेगी 21 हजार करोड़

योगी सरकार ने अपने तीसरे बजट में गांव, गरीब और किसानों को ध्यान में रखकर कई घोषणाएं की हैं. चुनावी साल होने के चलते चुनाव को ध्यान में रखकर कई एलान किए गए हैं. यूपी के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल की तरफ से पेश किए गए इस बजट को अब तक सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है. ये बजट करीब 4 लाख 79 हजार 701 करोड़ 10 लाख रुपए का है  यानी पिछले 2018-19 के वित्त वर्ष से करीब 12 % ज्यादा.  इस बार बजट में करीब  21 हजार 212 करोड़ 96 लाख रुपए  की नई योजनाओं की शुरुआत की गई है.

  • बजट में गोशालाओं के लिए 447 करोड़ रुपए का आवंटन किया
  • 200 करोड़ शहरी और 247 करोड़ ग्रामीण गौशालाओं के लिए
  • पशुपालन बजट बढ़ाने के लिए सरकार ने शराब पर फीस लगाई

गांव और किसानों को ध्यान में रखकर पशुपालन के का बजट बढ़ाया गया है. गोवंश के लिए ग्रामीण इलाकों को 247.60 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. शहरी क्षेत्रों को कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के तहत 200 करोड़ रुपए दिए गए. पंडित दीन दयाल उपाध्याय लगु डेयरी योजना के लिए 64 करोड़, यूपी दुग्ध नीति के लिए 5 करोड़, मत्स्य पालन के लिए करीब 33 करोड़ 82 लाख रुपए योगी सरकार ने आवंटित किए हैं.

किसानों के लिए नई योजनाओं की शुरुआत और पुरानी योजनाओं के बजट को बढ़ाया गया है. सबस ज्यादा नाराजगी गन्ना किसानों में थी लिहाजा सरकार ने बंद पड़ी मिलों को चालू करने, पीपीपी मॉडल लागू करने के लिए 75 करोड़ रुपए दिए हैं इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, फसल बीमा योजना, उर्वरकों के भंडारण के लिए करीब 1500 करोड़ रुपए का ऐलान सरकार ने बजट में किया है.

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