नमो, रागा और राम मंदिर

संघ में नंबर दो भैयाजी जोशी ने मोदी सरकार पर तंज किया और कुंभ में हो रहे एक कार्यक्रम में कहा कि राम मंदिर 2025 में बनेगा. भैयाजी जोशी के इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी. तमाम प्रतिक्रियाएं आने लगीं. संत बेचैन इस बात को लेकर बेचैन हो गए कि मंदिर निर्माण का समय और बढ़ गया. नमो सरकार ये सोचकर परेशान हो गई कि संघ भी खफा हो गया. पीएम मोदी तो कह ही चुके हैं कि राम मंदिर संवैधानिक रास्ते से ही बनेगा.

इन्ही क्रियाओं प्रतिक्रियाओं में रागा सेना के सिपाही हरीश रावत ने भी एक बयान दे दिया. हरीश रावत ने कहा ‘कांग्रेस जब केंद्र में आएगी तो अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाएगा ‘उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस हफ्ते पत्रकारों से हुई एक बातचीत के दौरान यह बात कही.

क्या ये कांग्रेस का कोई नया पैंतरा है. क्या राम मंदिर का मुद्दा कांग्रेस बीजेपी से छीनने की कोशिश कर रही है. राफेल के बाद क्या अब राम मंदिर के मामले में भी बीजेपी पर पलटवार करने के मूड में है कांग्रेस? ये सवाल मौजूं इसलिए हो गए है क्योंकि रागा यानी राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में बीजेपी पर तीखे वार करना चाहते हैं. और राम मंदिर नमो यानी नरेंद्र मोदी की दुखती रग है.

ये इसलिए भी है क्योंकि अयोध्या के संतों में मोदी के शिकायत है कि वो अयोध्या राम लला के दर्शन के लिए नहीं आए बाकी हर जगह गए. कई संतों ने इसको लेकर नमो को घेरा है और रागा सेना इसका फायदा उठाना चाहती है. हरीश रावत का बयान देखें तो उन्होंने कहा है.

कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर राम मंदिर का निर्माण करेगी. भाजपा राम मंदिर के निर्माण में असफल रही क्यों वे लोग पापी हैं… जिन्हें नैतिकता और मर्यादा का कोई ख्याल नहीं है, वे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भक्त नहीं हो सकते.’

अब बीजेपी को जब ये अहसास हुआ कि ये तो गड़बड़ हो गई. राम मंदिर बनवाने की बात कांग्रेसी करने लगे तो बीजेपी राज्य इकाई के मुखिया अजय भट्ट ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

 ‘उनका दावा एक मजाक है. क्योंकि राम मंदिर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा खुद कांग्रेस पार्टी है.’ उधर, बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए हरीश रावत ने कहा, ‘मैंने यह कहा था कि अगर केंद्र में कांग्रेस सत्ता में आती है तो देश में राम मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बनाया जाएगा.’

हालांकि हरीश रावत के इस बयान के बाद उन्हीं की पार्टी की वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हृदयेश ने आपत्ति जताई है और कहा है

‘अगर ऐसा है तो 10 साल तक सत्ता में रहने पर कांग्रेस राम मंदिर बना सकती थी. मुस्लिम समेत सभी लोग राम मंदिर निर्माण के समर्थन में जरूर हैं लेकिन, किसी को ऐसा दावा नहीं करना चाहिए जिसे पूरा नहीं किया जा सकता. क्योंकि हम सत्ता में नहीं हैं.’

हो जो भी लोकसभा के रण में नमो-रागा का जोरदार मुकाबला होगा ये तो तय है लेकिन राम मंदिर का मामला दोनों पार्टियों के लिए अहम होने वाला है ये देखना बाकी है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के बयान को यूं ही नहीं लिया जा सकता. हो सकता है कि इसके पीछे राहुल गांधी या कांग्रेस की कोई रणनीति हो. क्योंकि संघ के लोग भी नमो सरकार को राम मंदिर को लेकर घेर रहे हैं.

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