मतदाता हैं तो ज़रा इन आकड़ों पर गौर करें !

राजनीति से धनबल और बाहुबल कम करने की जितनी लचर कोशिशें की जाती हैं उतनी ही तेजी के साथ चुनाव दर चुनाव इन कोशिशों को चुनौती देने वाले आंकड़े सामने आते हैं. अब मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव जब खत्म हुआ तो हैरान करने वाले आंकड़े आए. मध्य प्रदेश की नई विधानसभा के 80 फीसदी विधायक करोड़पति हैं और 40 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. करोड़पति विधायको में सबसे ज्यादा 91 बीजेपी के हैं और आपराधिक छवि वाले विधायकों की संख्या कांग्रेस में सबसे ज्यादा है.

  • 230 में से 187 विधायक करोड़पति हैं.
  • 94 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में ये आंकड़े जारी किए हैं. एडीआर इसी तरह के आकंड़े जमा करती है. इस बार बीजेपी के 91 और कांग्रेस के 90 विधायक जीतकर आए हैं. बसपा का 1, सपा का 1 और 4 निर्दलीय विधायक करोड़पति हैं. अगर औसत संपत्ति की बात करें तो विधानसभा के सदस्यों की औसत संपत्ति इस बार करीब 10.17 करोड़ रुपये है. 2013 में ये आंकड़ा 5.24 करोड़ था. बीजेपी के संजय सत्येंद्र पाठक सबसे अमीर विधायक हैं उनके पास 226 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति है. सबसे कम संपत्ति बीजेपी के राम दांगोरे के पास है उनके पास सिर्फ 50 हजार रुपये की संपत्ति है.

कहां से आएगी राजनीति में सुचिता?

वहीं अगर आपराधिक मामलों की बात करें तो 230 में से करीब 94 विधायकों पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. 47 पर हत्या, हत्या करने का प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. कांग्रेस के 56 विधायक ऐसे हैं जिसनके ऊपर आपराधिक मामले चल रहे हैं. भाजपा के 34, बसपा के दो, सपा के एक और एक निर्दलीय विधायक है. पिछली विधानसभा में 73 विधायकों पर आपराधिक मामला दर्ज था. एडीआर ने एक और दिलचस्प आंकड़ा दिया है कि चुने विधायकों में से 155 विधायक स्नातक और 64 विधायक 12वीं या उससे कम पढ़े हैं.

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