अयोध्या रटते रहे और लग गई लंका !

amit


सियासी शतरंज में शिकस्त तो होती है लेकिन जिसे हारने की आदत न हो उसको ये सताती बहुत है. विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों में लंबे समय से जीत के स्वाद से दूर कांगेस अब जीत का स्वाद ले रही है.

मंगलवार को जो नतीजे आए उसमे बीजेपी को छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में जोरदार झटका लगा यहां कांग्रेस ने सत्ता पर कब्जा कर लिया. लोकतंत्र की यही खूबी है कि यहां कोई स्थाई नहीं होता. जो ऐसा सोचता है उसको झटका लगता है. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हमने ये देखा है. चुनाव के बाद अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस में एक विश्लेषण छपा है और ये बीजेपी के लिए बड़े झटके के संकेत देता है.

लोकसभा चुनाव में क्या हो सकता है?

  1. मतदान का ये ट्रेंड लोकसभा में भी जारी रहा तो बीजेपी का झटका लगेगा
  2. छत्तीसगढ़, एमपी और राजस्थान में BJP को 31 लोकसभा सीटों का नुकसान
  3. 2014 के आम चुनाव में इन राज्यों की 65 में से 62 लोकसभा सीटें BJP ने जीतीं
  4. एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में BJP ने करीब 180 विधानसभा सीटें गंवाईं
  5. 2013 के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी ने यहां करीब 48 पर्सेंट सीटें खोई हैं
  6. कांग्रेस ने इन तीन राज्यों 163 विधानसभा सीटें हासिल की हैं जो बड़ी जीत
  7. कांग्रेस ने सीटों के मामले में 2013 के मुकाबले 138 प्रतिशत की बढ़त हासिल की
  8. कांग्रेस इसी ट्रेंड से छत्तीसगढ़ में 11 में से 10 लोकसभा सीटें जीत लेगी
  9. राजस्थान में लोकसभा चुनाव में बीजेपी सिमटकर 13 लोकसभा सीटों पर आ सकती है
  10. 2014 आम चुनाव में बीजेपी ने राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटें जीती थीं
  11. एमपी में बीजेपी 2014 के 27 सीटों के मुकाबले घटकर 17 पर सिमट सकती है

इन नतीजों का बाकी राज्यों में भी असर

यूपी और कर्नाटक के बाद इन तीन राज्यों में जिस तरह क्षत्रपों ने जिस तरह से कांगेस का साथ दिया. यूपी में एसपी और बीएसपी जबकि कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी को शिकस्त देने के लिए जो तैयारी की है. वो बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला है. अगर 2017 विधानसभा चुनाव में बीएसपी और एसपी-कांग्रेस को मिले वोटों को लोकसभा वार मिलाकर आकलन करें तो यूपी में भी बीजेपी को 50 लोकसभा सीटों का नुकसान हो सकता है. अब आप समझ सकते हैं कि लंका क्यों लगेगी ?

About Post Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.