बिहार में लोग मर रहे हैं, विपक्ष वाले क्या कर रहे हैं ?

चमकी बुखार से मर रहे हैं बच्चे, विपक्ष नहीं उठा रहा मुद्दा

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बिहार में चमकी बुखार से 125 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. लेकिन विपक्ष गाय है. चमकी बुखार यानी एक्यूट इनसेफ़लाइटिस सिंड्रोम (AES) के कारण हो रही बच्चों की मौतों को रोकने में केंद्र और राज्य सरकार अभी तक नाकाम साबित हुई है. लेकिन विपक्ष गायब है.

बिहार में सिर्फ चमकी बुखार ही नहीं बल्कि लू और गर्मी की वजह से औरंगाबाद, नवादा और गया जैसे इलाकों में करीब 200 लोगों की मौत हुई है. इतने भयावह हालातों के बीच सरकार के सवाल करने वाला विपक्ष क्या कर रहा है. ये भी अहम सवाल हो गया है. सिर्फ मौते का मसला ही नहीं है बिहार के 38 में 25 जिलों में सूखा है और खेती बर्बाद हो गई है. लोगों के पास पीने का पानी नहीं है और सरकार इन तमाम मोर्चों पर बेबस नजर आ रही है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि बिहार में विपक्ष कहा चला गया है.

जब लगे ‘नीतीश गो बैक’ के नारे

बिहार में नीतीश और बीजेपी की मिलीजुली सरकार चल रही है. लेकिन ऐसी विषम परिस्थितियों में सरकार की कार्यशैली से सवाल पूछने वाला विपक्ष लोगों की आवाज नहीं उठा रहा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ लोगों का गुस्सा इस कदर है कि जब वो मुजफ्फरपुर में बच्चों के देखने के लिए गए तो लोगों ने हंगामा शुरु कर दिया और ‘नीतीश गो बैक’ के नारे लगाने लगे. सरकार और सिस्टम के लिए इस भारी असंतोष को विपक्ष भुनाने की कोशिश नहीं कर रहा है.

विपक्षी दल नहीं उठा रहे मुद्दा

बिहार के विपक्षी दल सोशल मीडिया पर ही गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि बिहार का विपक्ष इन मुद्दों को सरकार की नाकामी के तौर पेश करने में खुद ही नाकाम है. तेजस्वी यादव कहां है ये भी पता नहीं चल रहा क्योंकि लोकसभा चुनाव से पहले उनकी जो सक्रियता थी वो दिखाई नहीं दे रही. बिहार के राजनीतिक विपक्ष के चेहरे और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कहां हैं? नीतीश कुमार को घेरने का दम रखने वाले तेजस्वी की कमी क्या संकेत दे रही है.

तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से या फिर मीडिया में तब देखे गए थे जब लोकसभा चुनावों में महागठबंधन की करारी हार के बाद 28 मई को राजद समेत अन्य दलों के प्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक हुई थी. उसके बाद से दिखाई नहीं दिए हैं. सोशल मीडिया पर उनका एक पोस्ट/ट्वीट जरूर दिखता है जिसमें उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को जन्मदिन की बधाई दी थी.

तेजस्वी को लेकर लोग अलग अलग बात कर रहे हैं कोई कह रहा है कि तेजस्वी विदेश चले गए हैं. कोई कह रहा है कि तेजस्वी विश्व कप देख रहे हैं. राजद के लोग रहे हैं कि तेजस्वी देश से बाहर कैसे जा सकते हैं क्योंकि उनका पासपोर्ट सीबीआई कोर्ट में जमा है. तमाम बातें हो रही हैं लेकिन अहम ये है कि विपक्ष का कोई भी नेता बीजेपी-जेडीयू सरकार को घेरने में दिलचस्पी नहीं ले रहा.

स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ दर्ज हुआ केस

हालात यहां तक बिगड़ गए हैं कि मुजफ्फरपुर जिले की एक अदालत में हाल के दिनों में बच्चों की मौत को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ सोमवार को एक परिवाद पत्र दाखिल किया गया. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) सूर्यकांत तिवारी की अदालत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ उक्त परिवाद पत्र भादवि की धारा 323, 308 और 540 के तहत अहियापुर थाना अंतर्गत भीखनपुर मुहल्ला निवासी समाजसेवी तमन्ना हाशमी ने सोमवार को दाखिल किया.

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