प्रज्ञा ठाकुर विवाद : मियाद खत्म होने के बाद भी बीजेपी ने नहीं लिया एक्शन, गोडसे को कहा था देशभक्त

साध्वी प्रज्ञा

चुनाव खत्म हो चुका है और नई सरकार का गठन भी हो चुका है. इस दौरान भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने जो गोडसे को लेकर बयान दिया उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने भी प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान की निंदा की थी. पीएम ने तो यहां तक कहा था कि वो मन से कभी भी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को माफ नहीं कर सकेंगे.

प्रज्ञा ठाकुर पर बीजेपी चुप क्यों है. ये सवाल इसलिए खड़ा हो गया है कि मियाद खत्म होने के बाद भी प्रज्ञा ठाकुर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. भोपाल से सांसद चुनी गईं प्रज्ञा ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा था और उसके बाद न केवल पार्टी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर से किनारा कर लिया था और माफी मांगने को कहा था बल्कि 17 मई को लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी ने मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

प्रज्ञा के बयान को लेकर दी गई मोहलत खत्म हो गई है. दस दिनों की मोहलत 28 मई को खत्म हो गई और अब जून शुरु हो गया है लेकिन अभी तक बीजेपी ने प्रज्ञा के खिलाफ क्या एक्शन लिया है. ये तब तब जब ये मामला प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचा था और दोनों ने इस बयान की निंदा की थी. ‘द टेलिग्राफ’ ने बीजेपी के अनुशासनात्मक कमेटी के सदस्य सत्यदेव सिंह से जब इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा,

मुझे कुछ नहीं मालूम। प्लीज हमारे संगठन महासचिव रामलालजी से संपर्क करें।

वहीं जब इस बारे में रामलाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन कॉल नहीं उठाया. कमेटी की दूसरी सदस्य बिजोया चक्रवर्ती ने भी फोन का जवाब नहीं दिया. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक जब से भाजपा अनुशासन कमेटी के हेड गणेशी लाल ओडिशा के गवर्नर बनाए गए हैं, तब से यह कमेटी कोई खास काम नहीं कर रही है यानी एक तरीके से ये कमेटी किसी काम की नहीं है.

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