आंध्र प्रदेश : दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य के आंकड़े समझ लीजिए

आंध्र प्रदेश में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है. यहां विधानसभा चुनाव में 3,925 और लोक सभा के लिए 548 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां पहले चरण यानी 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे इसलिए सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में 25 लोकसभा सीटें और 175 विधानसभा सीटें हैं. चुंकि यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे लिहाजा चुनावी सरगर्मी काफी है. इस दोनों चुनावों के लिए चुनाव प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है. यहां मंगलवार को नामांकन पत्रों की छंटाई के बाद विधानसभा चुनाव में 3,925 और लोक सभा के लिए 548 उम्मीदवार बचे हैं.

आंध्र प्रदेश में इस बार 3.93 करोड़ मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. इनमें 4,000 थर्ड जेंडर (स्त्री न पुरुष) वाले हैं. आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गोपाल कृष्ण द्विवेदी ने मीडियो को इस बारे में जानकारी दी. इस बार नंदयाल लोक सभा सीट से सबसे ज्यादा 38 उम्मीदवारों ने नामांकन दाख़िल किया है.

चित्तूर लोक सभा सीट पर सबसे कम 13 उम्मीदवार मैदान में हैं. विधानसभा चुनाव में भी नंदयाल में ही सबसे ज्यादा 61 उम्मीदवारों ने नामांकन दाख़िल किया हैं. अगर मंत्रालयम विधानसभा सीट को देखें तो यहां पर सबसे कम 13 प्रत्याशी हैं जिन्होंने नामंकन किया है.

विजयनगरम जिले की कुरुपम विधानसभा सीट से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अधिकृत प्रत्याशी जनार्दन थटराज का नामांकन ख़ारिज़ हो गया है. ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. बीजेपी और कांग्रेस पार्टी का आरोप था कि जनार्दन ने फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र जमा कराया है. अब जर्नादन की जगह उनकी मां नरसिम्हा प्रिया टीडीपी उम्मीदवार हो सकती हैं. उन्होंने जनार्दन के समर्थन में नामांकन दाख़िल किया था.

इस बार चुनाव में चंद्रबाबू नाएडू पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे हैं. चुनाव में उनकी साख दांव पर लगी है. एनडीए से अगर होने के बाद उन्होंने मोदी को चुनौती दी है और वो हर कीमत पर राज्य में दोबारा सरकार बनाने के साथ चाहते हैं कि लोकसभा में भी उनके ज्यादा ज्यादा से सांसद पहुंचे.

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