‘राजनीति कोई पारिवारिक व्यवसाय नहीं, बेटा मेरे नक्शेकदम पर क्यों चले’

उत्तराखंड में चुनाव से पहले नेताओं की आवाजाही शुरु हो गई है. शनिवार को उत्तराखंड के पूर्व सीएम बीसी खंडूरी के बेट बेटे मनीष खंडूरी के कांग्रेस का हाथ थाम लिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में हुई विशाल परिवर्तन मनीष खंडूरी को कांग्रेस में शामिल किया.

मनीष खंडूरी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद बीसी खंडूरी ने प्रतिक्रिया जाहिर की है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा है,

मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस मुद्दे पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं. मेरा बेटा एक शिक्षित नौजवान है जिसकी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं. वैसे भी राजनीति कोई पारिवारिक व्यवसाय नहीं है जिससे कि मेरा बेटा भी मेरे ही नक्शेकदम पर चले. बेटे के कांग्रेस में शामिल होने से भाजपा के प्रति मेरी निष्ठा और समर्पण में कमी आने वाली नहीं है.

मैं राजनीति में करीब 30 साल बिता चुका हूं. मैंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि मैं आगे चुनाव नहीं लड़ूंगा. मैं चाहता हूं कि राजनीति में नौजवानों को बढ़ावा मिले. मैं अपने दोनों दायित्वों का निवर्हन करूंगा. भाजपा कार्यकर्ता के रूप में भी और एक पिता के तौर पर भी. मेरे मामा कांग्रेस के नेता थे. इसके बावजूद मैं भाजपा के साथ जुड़ा. लेकिन मेरा बेटा कांग्रेस में शामिल हुआ है. यह संयोग की तरह है.

राहुल गांधी ने मनीष खंडूरी को मंच पर अपने साथ बैठाया और उनके जरिए बीजेपी पर निशाना साधा. राहुल गांधी ने कहा कि खंडूरी जी के पिता ने जब मोदी सरकार से कहा कि सेना के साजो सामान की कमी है तो उनकी बात को अनसुना कर दिया गया.

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