वो सफाईकर्मी अब कैसे हैं जिनके पैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धोए?

सब जानते हैं कि देश के प्रधानमंत्री स्वच्छता को लेकर काफी सजग हैं. उन्होंने कई योजनाएं भी चलाई हैं जिससे साफ-सफाई बनी रहे. 24 फरवरी को उन्होंने स्वच्छता का संदेश देने के लिए कुंभ मेले में सफाईकर्मियों के पैर धोए थे. पीएम मोदी की ये तस्वीरें खुब सुर्खियों मे रही थी. कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए थे कि पैर धोने से क्या होगा? तो चलिए आपको बताते हैं कि जिनके पैर देश के सबसे ताकतवर आदमी यानी प्रधानमंत्री ने धोए उनके हाल क्या हैं.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में एक रिपोर्ट छापी है जिसमें उन पांच लोगों के अनुभव साझा किए गए हैं जिनके पैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धोए थे. रिपोर्ट में लिखा हुआ है कि ये सफाईकर्मी खुश हैं और अनुभव याद करके और खुश हो जाते हैं. लेकिन इनको ये दुख भी है कि वो प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रख  नहीं पाए.

ज्योति मेहतर

ज्योति 21 साल की हैं वो उन पांच सफाईकर्मियों में शामिल थीं जिनके पैर प्रधानमंत्री ने धोए ते. ज्योति के पति बबलू जिनकी उम्र 23 साल है वो भी सफाईकर्मी हैं. ज्योति कहती हैं कि हर दिन 500 रुपये मिलने चाहिए. उनका ये भी कहना है कि मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने जो कहा उसको किसी ने नहीं दिखाया. वो चाहती हैं वो अपनी समस्याओं के बारे में प्रधानमंत्री को बताएं. वे इतने बड़े आदमी हैं. मैं कैसे अचानक कुछ कह सकती थी?’ ज्योति अपने पति के लिए नौकरी चाहती हैं और कहती हैं कि वे कुछ भी कर सकते हैं. सम्मान से रोजी नहीं चलती. लोगों की गंदगी साफ करने के लिए किसी को सीवरों में नहीं उतरना चाहिए. जो काम मशीन कर सकती है, उसे इंसान को क्यों करना चाहिए? ‘

प्यारे लाल

होरी लाल भी उन पांच लोगों में शामिल थे जिनके पैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धोए. साल के प्यारे लाल कहते हैं. 40 के प्यारे लाल कहते हैं कि अच्छा होता अगर उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का और मौका मिला होता. प्यारे लाल कहते हैं कि वे प्रधानमंत्री से मिले सम्मान को महसूस करते हैं. लेकिन वे यह भी कहते हैं, ‘वे (मोदी) हमसे मुश्किल से एक मिनट मिले होंगे. मुझे उनसे बात करने का भी मौका नहीं मिला.’ प्यारे लाल काफी खुश हैं और

उन्होंने वो गमछा अभी तक उतारा नहीं है जो उन्हें प्रधानमंत्री से मिला था.

नरेश कुमार

38 साल के नरेश कुमार भी काफी खुश हैं. लेकिन वो ये भी कहते हैं कि सरकार गरीब लोगों की अनदेखी करती है. उन्होंने कहा कि जाति सबसे बड़ा मुद्दा है. वाल्मीकि समाज के नरेश ने कहा,

 ‘हम यह काम करते रहे हैं और करते रहेंगे.प्रधानमंत्री का उनके पैर धोना सम्मान की बात है, लेकिन उन्हें कुछ कहने का मौका नहीं दिया गया. वे सरकार से वेतन बढ़ाने और छुआछूत खत्म करने को लेकर बात करना चाहते थे. देश में बदलाव आना चाहिए. वह नहीं आ रहा है. गरीब और पिछड़ा आदमी दिक्कत में है.’

चौबी

34 साल की चौबी के पैर भी प्रधानमंत्री मोदी ने धोए थे. वो कहती हैं वे सुबह जल्दी नहाकर 11 बजे सेक्टर-1 स्थित हॉल में पहुंच गई थीं. उन्होंने बताया कि वहां बाकी चार सफाईकर्मियों के साथ उन्होंने इंतजार किया. शाम को प्रधानमंत्री वहां पहुंचे. उन्होंने कहा, वे खुश नहीं हैं. उन्होंने अपने पति की बात पर कहा, ‘जब वहां होते तो पता चलता. सिर्फ पांच मिनट के लिए मिले वो हम पांच लोगों से.’ चौबी ने यह भी कहा कि उनका वेतन 15,000 से बढ़ा कर 20,000 किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को कुछ करना चाहिए.

होरी लाल

35 साल के होरी लाल के भी पैर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धोए थे. उत्तर प्रदेश के धोरैता का गांव से कुंभ मेले में काम करने आए थे. होरी लाल कहते हैं,

हमें बताया गया था कि वे (नरेंद्र मोदी) हमसे मिलेंगे, न कि हमारे पैर धोएंगे. इतने बड़े व्यक्ति का उनके पैर धोना उन्हें काफी लज्जाजनक लगा. हमारी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है. हम पहले भी सफाई का काम कर रहे थे और अब भी यही कर रहे हैं.मुझे काम के लिए यहां-वहां जाना अच्छा नहीं लगता. काम कुछ भी हो, पक्का होना चाहिए. प्रधानमंत्री जी अगर नौकरी दे देते तो सही होता.सपने में वही मौका दिखता है जब सारे कैमरे हमारा फोटो ले रहे थे.’

वाल्मिकी समाज के होली लाल बताते हैं कि नरेंद्र मोदी महान आदमी हैं और उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था पीएम उनके पैर धोएंगे.

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