प्रियंका गांधी के रोड-शो का अखिलेश यादव पर क्या असर हुआ?

11 फरवरी को प्रियंका गांधी कांग्रेस की महासचिव बनने के बाद उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ आईं तो उनके स्वागत के लिए राज्य की कांग्रेस इकाई ने एक रोड-शो किया. लखनऊ से कांग्रेस कार्यलय तक हुए 15 किलोमीटर लंबे इस रोड-शो ने सपा-बसपा गठबंधन नेताओं के सुर बदल दिए. हो सकता है कि गठबंधन अब एक बार फिर से विचार करे.

इस रोड-शो के बाद जब सपा मुखिया अखिलेश यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि उनके और मायावती के बीच महागठबंधन में कांग्रेस भी शामिल है. और उसे दो सीटें दी गई हैं. हालांकि अखिलेश और मायावती ने जब जनवरी में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी उसमें कहा था कि वो अमेठी और रायबरेली में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेंगे. लेकिन उस वक्त दोनों नेताओं ने कहा था कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं है.

अब अखिलेश यादव कह रहे हैं कि कांगेस गठबंधन का हिस्सा है. प्रियंका गांधी का लखनऊ में कामयाब रोड-शो होने के बाद क्या अखिलेश यादव के सुर बदले हैं. उनके बयान और बॉडी लैंग्वेज से दिखाई देता है कि अखिलेस अब नई रणनीति पर काम कर रहे हैं. यही कारण है कि इतने दिनों से खामोश सपा के राष्ट्रीय मुखिया अचानक इलाहाबाद के लिए रवाना होने के लिए घर से निकलते हैं. उन्हें एयरपोर्ट पर रोका जाता है और फिर सपा कार्यकर्ताओं में रवानी आ जाती है.

अखिलेश जानते हैं कि यूपी में 20 फीसदी मुसलमान है जो सपा की ताकत है. अगर प्रियंका इस वोटबैंक को तोड़ लेती हैं तो सपा का काफी नुकसान करेगा. वैसे तो यूपी में सपा सभी जातियों का थोड़ा बहुत वोट हासिल करती है लेकिन यादव और मुसलमानों की पार्टी का उसे माना जाता है. ऐसे में 8 फीसदी यादवों के भरोसे सपा कुछ नहीं कर सकती. लिहाजा अखिलेश अब दवाब में हैं. दूसरी तरफ राहुल गांधी रोड-शो के बाद उत्साह से भरे हुए नजर आए.

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