फिनलैंड में ‘बेसिक इनकम योजना’ के लिए हुआ प्रयोग कितना सफल रहा ?

सरकार बेसिक इनकम योजना पर माथापच्ची कर रही है. इस बार के बजट में इसी तरह की किसान सम्मान योजना सरकार ने शुरू की है. राहुल गांधी पहली है कह चुके हैं कि वो अगर सत्ता में आए तो सभी को गारंटी बेसिक इनकम देंगे. लेकिन यूरोपीय देश फिनलैंड अपने दो हजार बेरोजगारों को बिना किसी काम-धंधे के दो साल तक एक निश्चित आय देने का प्रयोग कर चुकी है.

भारत में इस योजना पर गंभीरता से विचार हो रहा है. राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेसी सरकारों ने बेरोजगारों को हर महीने एक निश्चित भत्ता देने का ऐलान कर दिया है. सरकार ये मान रही है कि इससे गरीबी दूर होगी. भारत फिनलैंड से काफी कुछ सीख सकता है. 54 लाख की आबादी वाले फिनलैंड ने जनवरी 2017 से बेसिक इनकम का प्रयोग किया था.

सरकार ने समाज कल्याण के लिए उठाया कदम

फिनलैंड अभी भी 2008 की मंदी से उबर नहीं पाया है. यहां बेरोज़गारी का अनुपात 2008 के 6.3 प्रतिशत से बढ़ते-बढ़ते 2016 में 9.3 प्रतिशत हो गया था. लिहाजा सरकार ने समाज कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के बढ़ते खर्च दो देखते हुए लीक से हटकर रास्ते तलाशने शुरू किए. फिनलैंड के पीएम युहा सीपिला जो खुद एक कारोबारी हैं उन्होंने बेसिक इनकम की थ्योरी को देश में लागू करते हुए लकी ड्रा से चुने गये दो हज़ार बेरोज़गारों के साथ दो साल तक बेसिक इनकम का प्रयोग किया.

बेसिक इनकम योजना के लिए प्रयोग

25 से 58 साल तक युवा इस प्रयोग में शामिल हुए. दो साल तक इन्हें हर महीने 560 यूरो यानी करीब 40 हजार रूपये सरकार ने दिए. जिनके बच्चे थे उन्हें बाल भत्ता भी दिया गया. सरकार ने जिन लोगों को ये रकम दी उनको बिना शर्त ये पैसे दिए गए यानी उनसे आयकर या किसी भी प्रकार का सवाल जवाब नहीं किया गया.

25 दिसंबर 2016 को लॉटरी निकाल कर दो हज़ार बेरोज़गारों का चयन हुआ और जनवरी 2017 से प्रयोग शुरू हुआ. पूरी दुनिया फिनलैंड के इस प्रयोग को देख रही थी. प्रयोग खत्म होने के बाद प्रयोग की संचालक फ़िनलैंड की सामाजिक सुरक्षा सेवा ‘केला’ (केएएलए) ने शुरूआती विश्लेषण के परिणाम बताये. उसके मुताबिक जिन युवाओं को बेसिक इनकम दी जा रही थी उनकी सेहत तो सुधरी लेकिन बेरोज़गारी में कमी नहीं आई. रिसर्च में ये भी साफ हुआ कि जिन लोगों को बेसिक इनकम मिल रही थी वो उन लोगों की तरह ही साबित हुए जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा था

क्या निकला प्रयोग का नतीजा?

रिसर्च में साफ हुआ कि बेसिक इनकम पाने वालों ने नया रोज़गार पाने या अपना कोई कारोबार शुरू करने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया. फ़िनलैंड में सामान्य बेरोज़गारी भत्ता 550 यूरो मासिक है. कोई अतिरिक्त आय होने पर वह कम हो जाता है या नया काम मिलते ही बंद हो जाता है, जबकि आधारभूत आय कोई नया काम मिलने पर भी पूरे दो साल चलती रहती. उसका चलते रहना कोई नयी नौकरी तलाशने या अपना कोई कारोबार शुरू करने की प्रेरणा होना चाहिये था. इस प्रयोगा का पूरा डेटा अभी सामने नहीं आया है. अभी सिर्फ 1 साल के डेटा का विश्लेषण हुआ है. दूसरे साल का विश्लेषण 2020 तक होगा.

बेसिक इनकम पर हुए प्रयोग के बाद फ़िनलैंड की समाज कल्याण मंत्री पिर्को मात्तिला ने कहा कि देशव्यापी आधारभूत आय शुरू करने का फ़िलहाल कोई विचार नहीं है लेकिन इस प्रयोग को बहुत सफल मानती हैं. इस प्रयोग से देश के स्वास्थ्य, रहन-सहन और जीवनस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी.

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