दावा: ‘2014 में EVM हैकिंग से जीती थी BJP’

लोकसभा चुनाव से एन पहले ईवीएम का जिन्न फिर आ गया है. इस बार इस जिन्न का असर कितना होगा ये तो कहा नहीं जा सकता लेकिन कथित साइबर विशेषज्ञ सैयद शुजा के दावे हैरान करने वाले हैं. दावा तो यहां तक किया गया है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे को ईवीएम हैकिंग के बारे में जानकारी थी, जिसके चलते उनकी ‘हत्या’ की गई.

2014 के लोकसभा चुनाव के बाद तमाम विपक्षी दलों ने ये अंदेशा व्यक्त किया कि ईवीएम हैक किया जा रहा है. ये बात अलग है कि इसको साबित नहीं किया जा सका. अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी ईवीएम की सुरक्षा का मुद्दा फिर गर्मा गया है. दरअसल एक कथित साइबर विशेषज्ञ सैयद शुजा ने लंदन में दावा करके हुए कहा है,

2014 के चुनाव में ईवीएम हैक करके नतीजों में धांधली की गई, अप्रैल, 2014 में पता चला था कि ईवीएम मशीनों द्वारा कुछ सिग्नल प्रसारित हो रहे थे और इनके जरिए बीजेपी ने वोटिंग मशीनों को हैक किया था.

अमेरिका में शरण पाने के लिए आवेदन कर चुके सैयद शुजा 2014 में भारत छोड़कर चले गए थे. 2009 से 2014 के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में काम करने वाले शुजा का कहना है कि वो हैदराबाद में बीजेपी नेताओं से मिलने गए थे ताकि उनके सामने यह मुद्दा उठा सकें. लेकिन वहां उन्हें गोली मारने की कोशिश की गई. इस दौरान उनके एक साथ की मौत भी हो गई थी. शुजा का कहना है कि उनको गोली लगी थी वो घायल हो गए थे. बीजेपी की ओर से इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर ढंकने की कोशिश की गई थी.

शुजा का ये भी दावा है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की 2014 में कार दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी बल्कि उनकी हत्या की गई थी. उन्होंने कहा है कि ये हत्या इसलिए की गई थी क्योंकि उन्हें पता चल गया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम की हैकिंग हुई है. शुजा का एक और दावा है कि एनआईए के अधिकारी तंजीर अहमद मुंडे की मौत की जांच कर रहे थे और वो हत्या की एफआईआर दर्ज करवाना चाहते थे लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या हो गई.

हालाकिं चुनाव आयोग ने शुजा के दावे को खारिज कर दिया है. आयोग ने कहा है कि सैयद शुजा के खिलाफ आयोग कानूनी कार्रवाई करेगा.शुजा ने ये दावा इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (आईजेए) के एक आयोजन में किया है. इन दावों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा है कि चुनाव से पहले हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने की कोशिश है. चुंकि शुजा का दावा ये भी है कि वो भारत में चुनाव के दौरान ईवीएम हैक कर चुका है इसलिए ये मामला ज्यादा गंभीर हो जाता है. हालांकि उसने अभी कोई प्रामाणिक सबूत सामने नहीं दिया है. निर्वाचन आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए कहा है,

भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के संज्ञान में आया है कि लंदन में हुए एक इवेंट में ये दिखाने का दावा किया गया है कि ईसीआई जिन वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल करता है, उनमें छेड़छाड़ की जा सकती है. चुनाव आयोग मज़बूती के साथ इस निश्चित तथ्य के साथ है कि भारत में चुनाव के दौरान आयोग जिन ईवीएम का इस्तेमाल करता है वो पूरी तरह सुरक्षित (फुल प्रूफ) हैं.”

आयोग की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, “ये दोहराना जरूरी है कि ये ईवीएम भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड तैयार करते हैं. उस दौरान कड़ी निगरानी और कड़ी सुरक्षा रहती है. साल 2010 में गठित तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी हर चरण पर तय मानकों के मुताबिक कड़ी निगरानी करती है.”

वहीं दूसरी तरफ हैकिंग के दावे सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा है कि विपक्ष ईवीएम के मुद्दे को चुनाव आयोग के सामने रखेगा

हमारा महान लोकतंत्र संरक्षित होना चाहिए. आपका हर वोट कीमती है. यूनाइटेड इंडिया रैली में विपक्ष के सभी दलों ने ईवीएम के मुद्दे पर बात की थी. हम आपस में मिलकर काम कर रहे हैं और हमने 19 जनवरी को ही तय किया था कि इस मामले को लगातार निर्वाचन आयोग के सामने रखेंगे.”

कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि आने वाले चुनाव में ईवीएम का जिन्न बाहर आ गया है और अब ये मामला लंबा खिंचेगा. क्योंकि विपक्ष के तमाम दल जिस बात को लेकर लागातार अपनी बात बुंलद कर रहे हैं अब उस बात को शुजा के दावों से दम मिला है.

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