CBI की जाँच, अखिलेश पर आंच

ये चुनावी साल है, इस साल में बहुत कुछ सुनने और देखने को मिलेगा. बी चंद्रकला के घर सीबीआई का छापा पड़ा है, अखिलेश यादव से सीबीआई पूछताछ कर सकती है, बी चंद्रकला गिरफ्तार हो सकती हैं. ऐसी तमाम खबरें सुनाई दे रही हैं.

अखिलेश यादव से CBI पूछताछ करेगी

दिल्ली में अखिलेश यादव और मायावती की मुलाकात के तुरंत बाद ही लखनऊ में चंद्रकला के घर में सीबीआई की छापेमारी हुई. ये छापेमारी खनन से जुड़े घोटाले की जांच के लिए हुई है. सीबीआई टीम के 11 सदस्य विधानसभा एनेक्सी के पास सफायर अपार्टमेंट में बी.चंद्रकला के घर पहुंचे और करीब 2 घंटे जांच की. ऐसी भी संभावना है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवैध खनन मामले में जांच का सामना करना पड़ सकता है. अखिलेश यादव ने इस छापेमारी के बाद कहा है कि ‘वो किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं. वो हर सवाल को जवाब देंगे और बीजेपी को जनता जवाब देगी’

मामले में शुरू हुई राजनीति खींचतान

बी.चंद्रकला के घर छापेमारी और अखिलेश यादव से पूछताछ की खबर आते ही राजनीतिक खींचतान शुरु हो गई. क्योंकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर संभावित गठबंधन की ख़बरें आने के साथ ही सीबीआई ने जांच शुरू की है लिहाजा इस अपने माएने निकाले जा रहे हैं. वहीं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि पूर्व सीएम के रिश्ते खनन माफियाओं से हैं वो सीएम रहते खनन मंत्री भी थे.

बी.चंद्रकला का नाम क्यों आया ?

तेलंगाना के करीमनगर की मूल निवासी IAS बी. चंद्रकला ने 15 अप्रैल 2012 में हमीरपुर जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था. इसके बाद इलाहाबाद की सीडीओ बनाई गईं. इस मामले याचिका लगाने वाले वकील विजय द्विवेदी के मुताबिक अखिलेश यादव की सरकार में बी चंद्रकला ने हमीरपुर में पहले 47 मौरंग खनन के पट्टे जारी किए, फिर 13 मौरंग के पट्टे जारी किए थे. ये पट्टे ई-टेंडरिंग के जरिए जारी होने थे लेकिन नियमों की अनदेखी की गई.

बी.चंद्रकला ने किसे फायदा पहुंचाया?

मौरंग की खदानों में हमीरपुर, बांदा के एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा का कब्जा रहा. रमेश मिश्रा एण्ड कम्पनी नाम पर एक दर्जन से ज्यादा मौरंग के पट्टे थे. वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे. याचिकाकर्ता ने कहा कि तत्कालीन डीएम बी.चन्द्रकला ने नियमों के खिलाफ मौरंग खनन के पट्टे जारी किए थे. जिन्हें बाद में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट से पट्टे रद्द होने के बाद भी अवैध खनन चलता रहा. बी.चन्द्रकला 18 जून 2014 तक हमीरपुर की जिलाधिकारी रहीं पर अवैध खनन के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई. उनके ऊपर करोड़ों की वसूली का आरोप है. सिंडीकेट में संजय दीक्षित का भाई राकेश दीक्षित, विनीत पालीवाल, रामऔतार राजपूत समेत तमाम लोग खनन का हिसाब रखते थे.

IAS बी.चंद्रकला गिरफ्तार हो सकती हैं ?

अवैध खनन की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के आदेश से दो साल पहले शुरू हुई थी, जिसमें कई बार टीम ने हमीरपुर आकर मौरंग के पट्टे धारकों और अफसरों से पूछताछ की थी. एक पट्टा धारक को टीम अपने साथ भी ले गई थी. सीबीआई की जांच में ही बी चंद्रकला का नाम आया था. अब सीबीआई एमएलसी रमेश मिश्रा, बसपा नेता संजय दीक्षित और खनिज विभाग के रिटायर्ड क्लर्क के घर पर छापेमारी करके सबूत जुटा रही है. सीबीआई ने कानपुर और बांदा में खनन कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे हैं. इस मामले में कभी भी बी.चंद्रकला की गिरफ्तारी हो सकती है. इस मामले में आईएएस अफसर चंद्रकला के साथ अवैध खनन के लिए आदिल खान, तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, खनन क्लर्क राम आश्रय प्रजापति, लीज होल्डर एमएलसी रमेश कुमार मिश्रा, उनके भाई दिनेश कुमार मिश्रा, अंबिका तिवारी, संजय दीक्षित-संजीव कुमार दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, रामअवतार सिंह, करण सिंह और दूसरे अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.

अखिलेश यादव की भरोसेमंद अधिकारी रहीं

बी. चंद्रकला 2008 बैच की यूपी कैडर की IAS हैं. सेंट्रल स्कूल से 12वीं पास करने के बाद उन्होंने हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज से ग्रैजुएशन किया था. शादी के बाद उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रैजुएशन किया. और इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की. सोशल मीडिया में एक्टिव रहने वाली बी.चंद्रकला पहले भी चर्चा में रहीं हैं लेकिन इन दिनों वो गलत वजहों से चर्चा में हैं और जिस मामले में उनका नाम आ रहा है उसकी आंच सपा मुखिया अखिलेश यादव तक पहुंच रही है.

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