सर्वे: 2019 में ना शाह की ‘चाणक्य नीति’ ना मोदी का ‘मास्टरस्ट्रोक’

कौन जीतेगा 2019 लोकसभा चुनाव की बाजी ? इस सवाल का जवाब लोग अपने अपने तरीके से दे रहे हैं. लेकिन चुनाव से पहले हो रहे सर्वे में एक बाद निकलकर सामने आ रही है कि इस बार अमित शाह की चाणक्य नीति और मोदी का मास्टरस्ट्रोक काम नहीं आएगा. कहा ये जा रहा है कि इस बार बीजेपी और उसके सहयोगी दल मिलकर भी बहुलत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंचेंगे. सभी सहयोगियों को मिलाकर इस बार मोदी खेमा सिर्फ 257 सीटें जीत रहा है.

11 दिसंबर से पहले तक देश के बड़े हिस्से पर भगवा परचम लहरा रहा था. लेकिन कांग्रेस ने दिल पर चोट की और हिंदी पट्टी के तीन राज्य बीजेपी से छीन लिए. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का किला ढहने के बाद समीकरण बदल गए हैं. आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के सर्वे में ये साफ दिखाई दे रहा है कि बीजेपी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच रही है. बीजेपी को करीब 15 सीटों का नुकसान है और वो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 257 के आंकड़ तक पहुंचेगी. वहीं सर्वे में कांग्रेस और उसकी सहयोगियों को 146 सीटें मिलने का अनुमान है. ये सर्वे 15 से 25 दिसंबर के बीच किया गया. कुल मिलाकर ये साफ दिखाई दे रहा है कि सरकार की चाबी उनके के पास होगी जिनको 543 में 140 सीटें मिलेंगी. कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि

सपा, बसपा, एआईएडीएमके, तृणमूल कांग्रेस, टीआरएस, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, वाम मोर्चा, पीडीपी, एआईयूडीएफ, आईएनएलडी, एआईएमआईएम जैसी पार्टियां सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. इसके अलावा जेवीएम (पी), तमिलनाडु के एएमएमके और निर्दलीय सांसद भी निर्णायक भूमिका में है. इंडिया टीवी-सीएनएक्स के इस सर्वे में दिखाया गया है कि यूपीए की सीटें बढ़ रही हैं और हो सकता है कि लोकसभा चुनाव तक ये आंकड़ा काफी बदल जाए.

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