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‘पश्चिम बंगाल चुनाव में किसान आंदोलन से बीजेपी को नुकसान नहीं’

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार जोर शोर से चल रहा है. कई किसान नेता भी में बीजेपी को वोट ना देने के लिए मतदाताओं से अपील कर रहे हैं ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि किसान आंदोलन का बीजेपी को नुकसान नहीं होगा.

पश्चिम बंगाल में प्रचार के लिए के दो दिनों के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज़ पर राज्य में ‘आशोल परिवर्तन’ की अपील की.

पश्चिमी मेदिनीपुर के खड़गपुर में बीजेपी उम्मीदवार हिरणमय चटर्जी के समर्थन में एक रोड शो करने के बाद पत्रकारों के सवाल पर शाह ने कहा कि किसान आंदोलन का पश्चिम बंगाल चुनाव पर कोई असर नहीं होगा.

उनसे पूछा गया था कि किसान नेता यहां बीजेपी को वोट नहीं देने की अपील कर रहे हैं. इसका चुनाव पर कितना असर होगा.

‘पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी बनाएगी रिकॉर्ड’

अमित शाह ने अपने जवाब में कहा कि इस बार बीजेपी दो सौ से ज्यादा सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाएगी.

रोड शो के आख़िर में अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने कहा, “राज्य में परिवर्तन का माहौल तैयार हो गया है. रोड शो में जुटी भीड़ ही इस बात का सबूत है.”

ममता की चोट के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने मुख्यमंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.

खड़गपुर सदर सीट बीजेपी के लिए अहम है.

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष पहली बार वर्ष 2016 में यहीं से जीते थे. उससे पहले यहां से कांग्रेस के ज्ञानसिंह सोहनपाल लगातार सात बार जीत चुके थे.

चुनाव के लिए बीजेपी की रणनीति

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में भी दिलीप घोष ने जिले की मेदिनीपुर सीट जीती थी. लेकिन उसी साल खड़गपुर सीट पर हुए उपचुनाव में टीएमसी ने यह सीट जीत ली थी.

रोड शो के बाद शाह ने बीजेपी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक भी की. सोमवार को वे हेलीकॉप्टर से झाड़ग्राम और बांकुड़ा जाकर वहां दो रैलियों को संबोधित करेंगे. वहां से कोलकाता लौटने के बाद वे असम जाएंगे.

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है. बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे का मुकाबला है लेकिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस चुनाव में टीएमसी बढ़त में है और बीजेपी हवा बना रही है. ऐसे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चोट और किसानों का बीजेपी के खिलाफ आक्रोश कितना रंग लाता है यह चुनाव परिणामों में स्पष्ट होगा.

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