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“राम जन्मभूमि आज मुक्ति हुई, आडवाणी जी घर से बैठकर कार्यक्रम देख रहे होंगे”

अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर 12:44 के लगभग राम मंदिर की आधारशिला रखी. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर और ‘हर-हर महादेव’ कहकर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन की शुरुआत में सुंदरकांड की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “मुझे तो यहां आना ही था क्योंकि राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम.” इस पंक्ति का अर्थ है- भगवान राम का काम किए बना मुझे आराम कहां मिलेगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “रामलला पिछले कई वर्षों से टेंट में रह रहे थे. टूटना और फिर खड़ा होना, सदियों से जारी इस क्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्ति हुई है. इस मौके पर मैं 130 करोड़ देशवासियों को नमन करता हूं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जय सियाराम’ और ‘जय श्रीराम’ कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की. इससे पहले उन्होंने डिजिटल बटन दबाकर शिलापट्ट का उद्घाटन किया और राम मंदिर की डाक टिकट जारी की. पीएम मोदी से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधन करते हुए कहा, कोरोना संक्रमण और अन्य कारणों की वजह से राममंदिर आंदोलन से जुड़े कई लोग कार्यक्रम में नहीं सके. उन्होंने कहा, “आडवाणी जी यहां नहीं आ सके लेकिन वो घर से बैठकर ये सारा कार्यक्रम देख रहे होंगे. हालात ऐसे हैं कि कुछ लोगों को बुलाया नहीं जा सका और कुछ आ नहीं सके. मगर इसके बावजूद आज पूरा देश आनंद में डूबा है.”

इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया, राहुल गांधी ने लिखा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं. वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं. राम प्रेम हैं. वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते. राम करुणा हैं, वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते. राम न्याय हैं, वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते.”

उधर शिवसेना ने अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे के एक पुराने इंटरव्यू की एक क्लिप शेयर की है. इस क्लिप में बाल ठाकरे कह रहे हैं, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने के बाद वहां शिवसेना का झंडा लगाना गौरव की बात थी. इसमें कोई शर्म की बात नहीं है. बाबरी मस्जिद के नीचे राम का जो मंदिर था, वो हम ऊपर लाए.”

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