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मॉनूसन अपडेट: अब तक सामान्य से 29% ज्यादा बारिश, जानिए आपके इलाके में कब बरसेंगे बदरा?

दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने 1 जून को केरल में दस्तक दी थी और अब तक यानी 16 जून को यह पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए लखनऊ तक पहुंच गया है. 

दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने अबतक केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडीशा, मध्य व पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, नॉर्थ ईस्ट के राज्य, पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वी यूपी को कवर कर लिया है. 25 जून तक यह गुजरात और उत्तराखंड के अलावा तकरीबन पूरे मध्य्र प्रदेश और यूपी को कवर कर लेगा. 25 से 30 जून के बीच मॉनूसन हरियाणा, दिल्ली, आधे राजस्थान और पंजाब तक पहुंच जाएगा. 5 जुलाई तक तकरीबन पूरा देश मॉनसून से कवर हो जाएगा.

सामान्य से अधिक बारिश

स्काईमेट के अनुसार 1 से 15 जून के बीच देश में सामान्य से 29 फीसदी अधिक बारिश हुई है. आने वाले कुछ घंटों में दिनों में मध्य प्रदेश के पूर्वी भागों और उत्तर प्रदेश के पूर्वी तथा मध्य हिस्सों में अच्छी मॉनसूनी बारिश होने की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले 15 दिनों में सामान्य से 201 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 14 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है. आने वाले दिनों में इस आंकड़े में तेज बढ़ोत्तरी की भी उम्मीद है.

स्काइमेट के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. यही सिस्टम मॉनसून को आगे ले जा रहा है. मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश भी तेज हो गई है. मॉनसून उत्तर प्रदेश में लखनऊ के काफी करीब आ गया है. मध्य प्रदेश में भी सागर, सतना, रीवा, छतरपुर, को यह पार कर गया है. इसी तरह मध्य प्रदेश के पूर्वी तथा उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी मध्यम बारिश देखने को मिली.

मौसम की जानकारी देने वाली एजेंसी एजेंसी स्काईमेट के अनुसान मॉनसून 25 से 30 जून के बीच दिल्ली तक पहुंच जाएगा. वहीं 5 जुलाई तक यह पूरे देश को कवर कर लेगा.

कहां हुई कितनी बारिश?

मध्य भारत के राज्यों में इस साल पिछले 15 दिनों के दौरान बारिश काफी व्यापक हुई है. इस क्षेत्र में सामान्य से 90 फीसदी अधिक बारिश हुई. महाराष्ट्र के विदर्भ में 63 फीसदी अधिक, मराठवाड़ा में सामान्य से 82 फीसदी अधिक, मध्य महाराष्ट्र में 98 फीसदी और कोंकण गोवा क्षेत्र में सामान्य से 60 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है. गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 238 फीसदी और गुजरात क्षेत्र में 139 फीसदी अधिक बारिश देखने को मिली है.

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