कैसा है Twitter का हेडक्वार्टर, Elon Musk ने इन दो इंडियंस की नींद उड़ा दी

Elon Musk ने Twitter को खरीदने के बाद घोषणा की है कि वो ट्विटर के खर्चों में कटौती करेंगे. उसके बहुत से खर्च को घटाकर उसे फायदे का सौदा बना देंगे. वैसे मस्क बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मोटी सेलरी में मोटा कट तो करने जा ही रहे हैं.

Twitter अपने कर्मचारियों को बहुत सी सुविधाएं देता है, जो उसके हेडक्वार्टर पर कर्मचारियों को मिलती थीं. लेकिन अब वहां हालत बदल गए हैं. खबर है की अब मस्क सभी कर्मचारियों की सैलरी काटने वाले हैं. Isme सीईओ पराग अग्रवाल भी शामिल हैं. पराग को ट्विटर 30 मिलियन डॉलर देता है. और मस्क इसमें कटौती कर सकते हैं. कुछ लोग तो भी कह रहे हैं की मस्क ने अग्रवाल को रिप्लेस करने के लिए नए सीईओ को तलाशना शुरू कर दिया है. इसी तरह मस्क ट्विटर की चीफ लीगल ऑफिसर विजया को भी हटा सकते हैं. फिलहाल कंपनी उन्हें 60 लाख डॉलर पे करती है.

इसके अलावा मस्क कंपनी के दूसरे खर्चे भी कम करेंगे. वो क्या होंगे ये जान ने से पहले ट्विटर का ऑफिस कैसा है ये देख लीजिए. देखते हैं कैसा ट्विटर का हेडक्वार्टर और वहां कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं.

कैसा है Twitter?

1- अमेरिकी महानगर सान फ्रांसिस्को में ये आइकोनिक आर्ट डेको बिल्डिंग ट्विटर का मुख्यालय है. इसके कई फ्लोर पर उसके आफिस फैले हुए हैं. ये दुनियाभर में ट्विटर की गतिविधियों को संचालित भी करते हैं, नए इनोवेशन भी करते हैं और ट्विटर की तमाम चीजों पर नजर रखते हैं. ट्विटर का ये आफिस ऐसे आधुनिक आफिसों की तरह है, जहां सुंदरता भी है, सुकून भी और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रेंडली स्पेस भी.

2-वैसे तो ट्विटर की शुरुआत 21 मार्च 2006 में ही हो गई थी लेकिन समय के साथ जब ये बड़ा होने लगा तो वर्ष 2012 में इस सोशल साइट के मुख्यालय को सान फ्रांसिस्को में लाया गया. इस बिल्डिंग के कई फ्लोर किराए पर लेकर उन्हें फिर से डिजाइन कराया गया.

3- जब ट्विटर का वर्ल्ड हेडक्वार्टर यहां आया तो ये जगह सान फ्रांसिस्को की साधारण जगह हुआ करती थी. ट्विटर के आने के बाद ये जगह बदल गई है. ये अब सान फ्रांसिस्को की मुख्य जगहों में पहचान पा चुकी है.

4- ये ट्विटर मुख्यालय की वो जगह है, जहां उसके आफिस के तीन कैफेटेरिया में एक बना हुआ है, जहां सुकून से बैठकर कर्मचारी खाना, काफी या स्नैक्स आदि लेते हैं. बिल्डिंग में ये नीली चिड़िया बनी मिल जाएगी, जो ट्विटर का लोगो है. इसके दूसरी ओर कांफ्रेंस रूम औऱ केबिन या बैठने की जगह है.

5-ट्विटर के पूरे आफिस के इंटीरियर में लोकल और वर्ल्ड क्लास टच है. ये ऐसा बनाया है कि कर्मचारी जहां भी बैठकर काम कर रहे हैं, वहां उन्हें सुकून और कंफर्ट का अहसास होगा. इंटीरियर के रंग आमतौर पर स्मूद हैं. उसमें नीले रंग की ज्यादा प्रधानता है.

6-ट्विटर का मुख्यालय दरअसल दो बिल्डिंग्स को मिलाकर बना है. इसमें एक बिल्डिंग 1937 की आर्ट डेको बिल्डिंग है और दूसरी 1970 के दशक में बनी बिल्डिंग. आफिस दोनों बिल्डिंग्स का इस्तेमाल करता है. आफिस के अंदर जगह जगह इस तरह के प्लांट लगे हैं. जो रोशनी और पानी से फलते फूलते हैं.


हर फ्लोर पर कर्मचारियों को ऐसी जगह दी गई है, जिसमें वो आराम से बैठ सकते हैं. बातचीत कर सकते हैं. दरअसल ट्विटर ने इस बिल्डिंग के कई फ्लोर लेने के बाद इसकी समूची डिजाइन अपने हिसाब से बदल दी गई.

7-ट्विटर ने ही चूंकि हैशटैग का प्रभावशाली इस्तेमाल शुरू किया, लिहाजा पूरे आफिस में हैशटैग देकर बहुत ढेर स्लोगंस और आफिस प्लेस के नाम लिखे मिल जाएंगे. आफिस में जगह जगह कॉफी की व्यवस्था तो है ही लेकिन बाहर से आने वालों के बैठने के लिए एक अलग व्यवस्था है.

8- ये ट्विटर का एक और बड़ा कैफेटेरिया है. जो काफी बड़े हाल में है यहां काफी बड़ी संख्या में लोग एक साथ बैठ सकते हैं. वैसे आपको बता दें कि ट्विटर मुख्यालय अपने कर्मचारियों को फ्री लंच की सुविधा देता है, जिसमें पिज्जा, सलाद, फ्रेश फ्रूट्स और चिकन आदि मुहैया कराई जाती हैं. खाने में लोकल टच से लेकर कांटिनेंटल वैरायटी होती है. खानपान का डिपार्टमेंट संभालने वालों की टीम भी अच्छी खासी है.

9- कर्मचारी अगर काम के दौरान ऊब जाते हैं या उन्हें सूरज की रोशनी में जाकर लेटने या बैठने का मन है, जो छत पर लान पर सनबाथ की भी व्यवस्था है. उसका वो भऱपूर लुत्फ ले सकते हैं. छत पर लगे सोफों या आराम कुर्सियों पर बैठकर कर्मचारी काम भी कर सकते हैं.

10- वैसे तो ट्विटर के दुनियाभर में 5500 से ज्यादा कर्मचारी हैं और तमाम आफिस दुनियाभर में फैले हैं लेकिन इस मुख्यालय भवन में 2500 कर्मचारी काम करते हैं. इसमें आधे इंजीनियर हैं तो बाकी कंपनी के दूसरे कामों को देखते हैं. जिसमें सेल्स से लेकर एचआर तक है. वैसे इन दिनों बहुत से कर्मचारी रिमोटवर्क ही कर रहे हैं.

11- काम के बीच कर्मचारियों के लिए खेलने या एंटरटेन करने की भी भरपूर व्यवस्था है, जिससे वो खुद को तरोताजा रखें और ऊबन से बच सकें. हालांकि इस आफिस में कर्मचारियों को अपने बच्चों को लाने की इजाजत है लेकिन बच्चों के लिए इसमें एक अलग जगह जहां उन्हें छोड़ना पड़ता है. वहां किड्स के लिए योगा से लेकर तमाम प्रोग्राम चलते रहते हैं.

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