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इतना बड़ा झूठ वो भी मां गंगा के नाम पर, मोदी सरकार को शर्म नहीं आती

मां गंगा का नाम लेकर सत्ता के शिखर पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक मंत्री ने गंगा सफाई के नाम पर इतना बड़ा झूठ बोला है कि आपको सुनकर शर्म आएगी.

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के राज्यसभा सदस्य पी. विल्सन (P. Wilson) यह सोच कर हैरान है कि गंगा नदी तमिलनाडु के किस हिस्से में बह रही है, क्योंकि राज्य में खर्च किए गए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड में स्वच्छ गंगा फंड का जिक्र है. विल्सन ने तमिलनाडु में खर्च किए गए सीएसआर फंड की राशि और उन परियोजनाओं पर सवाल उठाया, जहां इसे खर्च किया गया था.

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अपने लिखित जवाब में सीएसआर योजना को कंट्रोल करने वाले कानून की व्याख्या करते हुए कहा कि कंपनियों की ओर से अपने बोर्ड के फैसले के अनुसार धन खर्च किया जाता है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 18 के दौरान तमिलनाडु में खर्च किए गए सीएसआर की राशि 627.75 करोड़ रुपये (1,305 कंपनियां), वित्त वर्ष 2019 में 829.27 करोड़ रुपये (1,453 कंपनियां) और वित्त वर्ष 2020 में 919.05 करोड़ रुपये (1,316 कंपनियां) थी.

इतने पैसे स्‍वच्‍छ गंगा कोष में हुए खर्च

खर्च किए गए सीएसआर फंड के क्षेत्रवार बंटवारे के संबंध में, वित्त वर्ष 2020 के लिए स्वच्छ गंगा कोष के लिए 0.26 करोड़ रुपये की राशि का ज‍िक्र किया गया है और वित्त वर्ष 2018 और 2019 के लिए क्रमश: 0.13 करोड़ रुपये का उल्लेख किया गया है. विल्सन ने ट्वीट किया क‍ि टीएन में सीएसआर फंड के आवंटन पर मेरे सवाल के लिए माननीय मंत्री ने जवाब दिया है कि टीएन फंड का एक हिस्सा स्वच्छ गंगा फंड के लिए इस्तेमाल किया गया है. मुझे नहीं पता था कि गंगा तमिलनाडु में बहती है.

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