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मायावती के पैरों तले जमीन खींचने की तैयारी में अखिलेश, मिशन 2022 के लिए SP का गेमप्लान

मायावती और मुलायम सिंह के बीच लंबी अदावत के बाद जब अखिलेश ने बसपा से गठबंधन किया तब लगा उत्तर प्रदेश की सियासत में नया दौर शुरू हुआ है लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में सब कुछ बदल दिया. अब 2022 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव बदला लेने के लिए तैयार हैं.

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. इस बीच बसपा में बगावत से सूबे का सियासी माहौल एकाएक गर्मा गया है. बसपा से निलंबित 11 विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए लालजी वर्मा के नेतृत्‍व में एक अलग दल बनाने का फैसला कर लिया है. पांच बागी विधायकों ने लखनऊ में सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की. बसपा में कुल 18 विधायकों में से नौ को पार्टी ने निलंबित और दो को निष्काषित कर दिया गया है.

मायावती की पार्टी में घमासान क्या है अखिलेश का प्लान?

विक्रमादित्य स्थित सपा कार्यालय पर अखिलेश यादव से मिलने गए विधायकों की अगुवाई श्रावस्ती के विधायक असलम राईनी ने की. उन्‍होंने दावा किया कि जल्द ही वे बसपा से हाल ही में निष्कासित किए गए लालजी वर्मा के नेतृत्व में नया दल बनाएंगे. उनके साथ पार्टी के 11 विधायक हैं. अगर ऐसा हुआ तो बसपा का टूटना तय माना जा रहा है.

इन नेताओं की हुई अखिलेश से मुलाकात

  1. असलम राइनी भिनगा, श्रावस्ती
  2. मो. मुजतबा सिद्दीकी, प्रतापपुर प्रयागराज
  3. हाकिम लाल बिंद, हांडिया प्रयागराज
  4. डा. हरगोविंद भार्गव, सिधौली-सीतापुर
  5. सुषमा पटेल, मुंगरा बादशाहपुर जौनपुर

अखिलेश यादव से पार्टी कार्यालय में बंद कमरे में बातचीत की। धौलाना हापुड़ के असलम अली को भी उनके साथ आना था, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में व्यस्त होने की वजह से नहीं आ सके. जानकारों का कहना है कि सपा मुखिया ने बसपा के सभी बागी विधायकों से मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चा की. राज्यसभा चुनाव के वक्त बगावत करने के बाद से ये विधायक लगातार अखिलेश के संपर्क में रहे हैं.

बसपा में टूट सपा को कर रही सूट

मिशन 2022 की तैयारियों में लगे अखिलेश यादव को बसपा में फूट का फायदा मिल सकता है. इसीलिए उनकी नजर बसपा के उन 18 विधायकों पर है जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वह बहुत जल्द समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं. 18 विधायकों में से 9 ऐसे विधायक हैं जिन्हें मायावती ने निलंबित या निष्कासित किया है. लालजी वर्मा और रामअचल राजभर ने निकाले जाने के बाद अभी तक अपने अगले कदम का ऐलान नहीं किया है. सपा से मिलने के बाद बसपा विधायकों ने एकजुट होकर कोई बयान नहीं दिया.

मायावती से बदला लेने की तैयारी कर रहे अखिलेश?

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा बसपा गठबंधन का सबसे ज्यादा लाभ मायावती को ही मिला था. और अखिलेश के हाथ कुछ भी नहीं आया. ऐसे में अखिलेश चाहते हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाई जाए और समाजवादी पार्टी के वोट बैंक में इजाफा किया जाए. इसीलिए उनकी नजर असंतुष्ट नेताओं पर है.

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