कोरोना का नया वैरिएंट ज़ीटा है बेहद खतरनाक, यह वैक्सीन बचा सकती है जान

कोरोना के एक और नए वैरिएंट के बारे में पता चला है. पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने अपने एक अध्ययन में वायरस का नया वैरिएंट मिलने की पुष्टि की है.

कोरोनावायरस से निपटने के लिए जितने जतन किए जा रहे हैं उतने ही अलग-अलग तरीकों से यह वायरस लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. अब इस वायरस के नए वैरिएंट के बारे में पता चला है. मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी प्री-प्रिंट रिपोर्ट्स प्रकाशित करने वाली वेबसाइट bioRxiv पर छपी रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वैरिएंट ब्रिटेन और ब्राज़ील से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के नाक और गले के स्वैब से मिला है.

कोरोना का नया वैरिएंट बेहद घातक है, रहें सावधान

पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने अपने एक अध्ययन में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट मिलने की पुष्टि की है. इस वायरस को ब्राज़ील और ब्रिटेन से भारत आए यात्रियों के गले और नाक के स्वैब से डिटेक्ट किया है. कोरोना वायरस का वैरिएंट B.1.1.28.2 सबसे पहले ब्राज़ील में अप्रैल, 2020 में पाया गया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक अहम वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है. हाल ही में इसे ज़ीटा वैरिएंट के रूप में नामित किया गया है.

कोरोना का ज़ीटा वैरिएंट कितना खतरनाक है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन किसी भी वैरिएंट को वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी में तब डालता है जब एक वैरिएंट कई देशों में पाया जाए. इसके साथ ही अगर ये माना जाए कि वेरिएंट बड़ी आबादी फैलकर कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति पैदा कर सकता है, तब भी इसे एक अहम वैरिएंट की श्रेणी में रखा जा सकता है जिस पर नज़र रखी जानी चाहिए. इस वैरिएंट ने दिखाया है कि ये कुछ ईएयू मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ट्रीटमेंट द्वारा विकसित प्रतिरोधक क्षमता में गंभीर कमी लाने की क्षमता रखता है. इसके साथ ही कुछ एमआरएनए वैक्सीन लगाए जाने के बाद सेरा से जो प्रतिरोधक क्षमता पैदा होती है, यह वैरिएंट उसे भी नुकसान पहुंचा सकता है.

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