सामुदायिक शौचालय के नाम पर गटर में डाला जा रहा है सरकारी पैसा!

गांवों में लोगों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़े, इसके लिए सरकार द्वारा जोर शोर से मुहिम चलाई जा रही है और इसके तहत गाँवो में सामुदायिक शौचालय बनवाए जा रहे हैं। लेकिन जिले के गाँवो में बन रहे सामुदायिक शौचालयों को लेकर अब शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया है।

अमेठी के मुसाफिरखाना ब्लॉक के पूरे पहलवान ग्राम प्रधान द्वारा सामुदायिक शौचालय गांव से बाहर काफी दूर जंगल में बनाये जाने का आरोप लगाते हुए कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी अमेठी को काम रोकने के लिए शिकायती पत्र भेजा है। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी से दूर जंगल में सामुदायिक शौचालय बनाने पर राज्य सरकार की सम्पति की क्षति व पूर्ण रूपेण दुरुपयोग होगा।

ग्राम प्रधान और सचिव कर रहे मनमानी

बता दें कि शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इन शौचालयों का निर्माण ग्राम समाज की भूमि पर किया जाना है। मुसाफिरखाना विकासखण्ड के गौतमपुर पूरे पहलवान निवासी महेश सिंह, पंकज सिंह सहित करीब एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आरोप लगाया ग्राम प्रधान व सचिव मनमानी कर शौचालय का निर्माण गांव से काफी दूर व जंगल में करा रहे हैं, जो जोखिम भरा है। और इसको लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी अमेठी अरूण कुमार को शिकायती पत्र भेज कर काम रुकवाने की गुहार लगाई है।

शौचालय निर्माण में तमाम अड़चनें

वहीं जब इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान पूरे पहलवान विजय मिश्र से बात की गई तो उन्होंने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और कहा कि सामुदायिक शौचालय ग्राम पंचायत के बगल में प्रस्तावित हुआ था और वहाँ नींव खुदवाकर निर्माण कराया जा रहा था। कुछ सरहंग व्यक्तियों ने वहाँ पर आकर काम को रुकवा दिया और न्यायालय का स्टे ऑर्डर का भी हवाला दिया फिर लेखपाल से दूसरी जगह ग्राम समाज भूमि में चिन्हांकन कर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। जो कि गांव के नजदीक है लेकिन विकास के कार्य में बाधा डालने के लिए कुछ दबंग ग्रामीण शौचालय का निर्माण नहीं होने देना चाहते हैं।

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