पढ़िए! दर्दनाक प्रेम कथा: गले की नसें हंसिया से कट रही थीं लेकिन पूजा छोटकऊ का नाम जप रही थी

‘27 जून की रात को हमने पूजा को सबसे अलग सुलाया था. जब पूजा सो गई तब मैंने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी. और हंसिया से उसका गला रेत दिया. इसके बाद उसकी लाश को बोरे में भरा और अपने घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर यूकेलिप्टिस के पास छिपा दिया.’

बहराइच के रिसिया थाना इलाके के विशुनापुर में रहने वाले संतोष ने जब पुलिस को ये बताया तो पहली मर्तबा तो पुलिस भी सन्न रह गई. क्योंकि इससे पहले 28 जून को इसी संतोष ने पुलिस को बयान दिया था कि,’रात करीब 2 बजे इब्राहिम पुत्र मोहम्मद यार और उसके दो साथी मेरे घर में घुसे और लूटपात की कोशिश की. इन लोगों ने जेवर लूटा और मेरी बेटी शंकररानी पूजा के मुंह में कपड़ा ठूंसकर अगवा कर ले गए. और मेरी बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी’

28 जून को बहराइच के रिसिया थाने में विशुनापुर के रहने वाले संतोष ने पुलिस को तहरीर में यही लिखकर दिया था. पुलिस ने भी तहरीर के आधार पर जांच शुरु की थी. पुलिस ने मोहम्मद यार को पकड़ा और पूछताछ की. गांव के दूसरे लोगों से भी पड़ताल की. और 30 तारीख को जब केस का खुलासा किया तो सब सन्न रह गए. हत्यारा संतोष ही निकला. लेकिन संतोष ने अपनी 16 साल की बच्ची को मारा क्यों?

संतोष, कातिल पिता

छोटकऊ के लिए मर गई पूजा

‘नहीं हम छोटकऊ के खिलाफ बयान नहीं देंगे. हम उससे प्यार करते हैं. आपने उसे गलत फंसाया है. पिता जी हमें हमारा छोटकऊ लौटा दो’

पूजा चिल्ला चिल्लाकर अपने पिता से ये कह रही थी और पिता बेरहमी से पूजा को पीटते रहे. 16 साल की पूजा का 27/28 जून की दरम्यानी रात को शव मिला. तो गांव के लोग दहशत में आ गए थे. जिसके बाद पूजा के पिता सुभाष ने रिसिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इससे पहले 20 जून 2020 को पूजा के पिता संतोष ने रिसिया थाने में छोटकऊ के खिलाफ पूजा से छेड़खानी का केस दर्ज कराया था.

पुलिस ने 23 जून 2020 को छोटकऊ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. संतोष पूजा पर लगातार ये दवाब बना रहा था कि वो 164 के बयान छोटकऊ के खिलाफ दे. पूजा अपने पिता की ये बात मानने को तैयार नहीं थी. इसको लेकर 23 जून से लेकर 27 जून तक संतोष ने लगातार पूजा को प्रताड़ित किया. उसे भूखे प्यासे कमरे में बंद रखा. लेकिन छोटकऊ के प्रेम में बंधी पूजा नहीं मानी.

पूजा ने छोटकऊ के खिलाफ 164 के बयान देने से साफ इंकार कर दिया. 27 जून की शाम को संतोष ने पूजा को डंडों से बेरहमी से पीटा. इतना मारा की पूजा बेहोश हो गई. इसके बाद रात करीब 2 बजे संतोष ने हंगामा शुरु कर दिया और रिसिया थाने में जाकर इब्राहिम पुत्र मोहम्मद यार खान और दो अन्य के खिलाफ रिवाल्वर तानकर बेटी का अपहरण और उसकी हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया.

मामला हत्या और अपहरण था सो पुलिस ने गंभीरता ने मामले की विवेचना की. और घटना की एक एक कड़ी को जोड़ना शुरु किया तो शक की सुई संतोष पर आकर ही ठहर गई. पुलिस ने पूजा के घर की तलाशी की तो वहां पर पूजा के बाल लगी हुई रस्सी, दुपट्टा मिला. संतोष शुरु से पुलिस को गुमराह करता रहा.लेकिन पुलिस ने संतोष की फिल्मी कहानी का भंडाफोड़ किया और उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है.

पुलिस की पूछताछ में संतोष ने बताया की उसने अपने इज्जत बचाने के लिए पूजा की हत्या की और हत्या का आरोप गांव के प्रधान और कोटेदार पर लगा दिया. लेकिन सच्चाई में ये हॉरर किलिंग से जुड़ा हुआ है. एक ऐसा मामला जिसमें प्रेमिका ने अपने प्रेमी को जेल से बचाने के लिए मौत को गले लगा दिया. पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि, ‘अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या में प्रयुक्त हंसिया, हत्या के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं.

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रिपोर्ट: सय्यद रेहान कादरी

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