क्रिकेट वर्ल्ड कप : जब लगा अफगानियों से हार जाएगी टीम इंडिया

क्रिकेट वर्ल्ड कप : अगली बार अफ्गानिस्तान भारत को हरा ही देगा

क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत और अफ्गानिस्तान के बीच हुए रोचक मैच में एक बार तो तय हो गई कि अफ्गानिस्तान की टीम में दम है. भले ही इस वर्ल्ड कप में वो एक भी मैच न जीतें हों लेकिन अफगान टीम ने दुनिया के नंबर दो टीम को नाकों चने चब्बा दिए.

भारत और अफ्गानिस्तान के बीच अभी तक तीन मुकाबले हुए हैं जिसमें से दो में भारत जीता है और एक मैच टाई रहा है. क्रिकेट वर्ल्ड कप में शनिवार को भारत और अफ्गानिस्तान का मुक़ाबला था. रोमांच से भरपूर इस मुक़ाबले में भारत 11 रनों से जीत भले ही दर्ज कर ली हो लेकिन अफगान टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. टीम इंडिया और अफ्गानिस्तान की टीम के के इस मुकाबले में शायद ही किसी को ये लगा होगा कि कुल पांच साल पुरानी अफगान टीम भारत को इतनी कड़ी चुनौती देगी.

यहां आपको एक बार ये भी जान लेनी चाहिए कि अफ्गानिस्तान की टीम को भारत से भी क्रिकेट का ककहरा सीखने का मौका मिला. देहरादून अफ्गानिस्तान का होम ग्राउंड है और यहीं पर वो मैच प्रैक्टिस करते हैं. लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन अफगान टीम ने किया वो हैरान करने वाला था. मैच में एक वक्त तो ऐसा आया जब कप्तान विराट कोहली को भी लगने लगा था कि मैच हाथ से निकल रहा है.

बल्लेबाजी नहीं चल सकी

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने मात्र 224 रन ही बनाए थे और कप्तान विराट कोहली ने इसके लिए ये दलील दी कि उनके कुछ खिलाड़ी योजना के हिसाब से बल्लेबाज़ी नहीं कर सके और आड़े बल्ले से शॉट खेले, जबकि विकेट जिस तरह का था, उन्हें सीधे शॉट लगाने चाहिए थे. उन्होंने कहा कि उनकी योजना 250 रनों के आसपास बनाने की थी. लेकिन अफगान टीम के  कप्तान गुलबुद्दीन नायब ने विकेट धीमा होने चलते ऑफ़ ब्रेक गेंदबाज़ मुजीब उर रहमान को गेंद थमा दी. असर ये हुआ कि टीम इंडिया डिफैंसिव हो गई.

इस मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने माना कि मैच के दौरान एक वक्त वो भी आया था, जब उन्हें हार का डर सताने लगा था. उन्होंने कहा, “बीच के ओवरों में उन्होंने (अफ़ग़ानिस्तान) हम पर दबाव बनाया. अफ़ग़ानिस्तान जैसी टीम जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भरी हुई है जब वो आपको वैसे न खेलने दे जो आपका गेम प्लान हो, तो दबाव बन ही जाता है.”

गेंदबाजों ने बचाई नाक

इस मैच में कोहली ने 67 रन बनाए, इस वर्ल्ड कप में विराट कोहली की ये तीसरी हाफ सेंचुरी थी. कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया. रोहित शर्मा को मुजीब ने बोल्ड आउट किया, केएल राहुल ने रिवर्स स्वीप खेलने के चक्कर में विकेट गंवाया, विजय शंकर ने स्वीप शॉट खेलकर आउट हुए. महेंद्र सिंह धोनी भी यहां कमाल नहीं कर पाए और राशिद ख़ान के शिकार हो गए. केदार जाधव ने जरूर 52 रन बनाए.

वहीं गेंदबाजी की बात करें तो जसप्रीत बुमराह, शमी और युजवेंद्र चहल ने ठीक ठाक गेंदबाजी. विराट कोहली मैच के बाद हैट्रिक लेने वाले मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी की तारीफ़ की और कहा,

“हम बुमराह और शमी का अच्छा उपयोग करना चाहते हैं. शमी ने आखिरी ओवर में जान लगा दी. चहल की गेंदबाजी का भी लाभ मिला. शमी ने तो आज बहुत अच्छा किया, शुरुआत में उन्होंने रन भी रोके. विजय ने अच्छी फील्डिंग की. मुझे पता है कि इन खिलाड़ियों को मौके चाहिए. हमारी टीम आखिरी गेंद तक मुकाबला करती है और यही इसकी ख़ासियत है.”

लेकिन विराट कोहली ये भी जानते होंगे कि अगर नवी को विकेट आखिरी में ना गिरता तो इस मैच का नतीजा बदल भी सकता था. और वो टीम जो भारत में भी खेल को सीखी और आगे बढ़ी भारत जैसी बड़ी टीम को चित कर सकती थी.

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