एक्जिट पोल के बाद माया-अखिलेश की मुलाकात, गठबंधन की रणनीति पर किया मंथन

akhilesh yadav meet mayawati

एक्जिट पोल में सपा-बसपा गठबंधन को लेकर जो प्रिडिक्शन की गई है वो मिली जुली है. कुछ एक्जिट पोल में गठबंधन बहुत अच्छा कर रहा है तो कुछ में औसत और कुछ में औसत से भी कम. ऐसे में गठबंधन की दोनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं ने लंबी बैठक की है. BSP अध्यक्ष मायावती (Mayawati) 23 मई को लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के नतीजों तक ‘वेट एंड वाच’ नीति पर अमल करने का फैसला किया है.

बीएसपी प्रमुख मायावती और एसपी प्रमुख अखिलेश यादव ने करीब एक घंटे तक विचार विमर्श किया है. इस विचार-विमर्श में किन मुद्दों पर चर्चा हुई है ये तो पता नहीं चल सका है लेकिन कहा ये जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच चर्चा का मुख्य मुद्दा एक्जिट पोल ही रहा है. दोनों नेताओं ने भविष्य की रणनीति पर बातचीत की है. खबर ये आ रही है कि अंतिम परिणाम आने के बाद ही गठबंधन कोई फैसला करेगा. खबर ये भी है कि अंतिम परिणाम आने तक मायावती लखनऊ में रहेंगी.

पार्टी कार्यालय पर नेताओं से भी मिले अखिलेश

एग्जिट पोल में एक बात तो स्पष्ट रूप से साफ हो रही है कि सपा-बसपा गठबधंन (SP-BSP Alliance) यूपी में बीजेपी की सीटें कम करने में कामयाब रहा है. लेकिन कितना कामयाब रहा है इसकी गणना अभी नहीं की जा सकती. एक्जिट पोल आने के बाद अखिलेश सोमवार दोपहर बसपा प्रमुख के घर पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक बातचीत हुई. हालांकि अखिलेश-माया एक बात को कह रहे हैं कि बीजेपी को 300 सीटें तो नहीं मिल रहीं.

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचकर पार्टी के नेताओं के साथ भी विमर्श किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख मायावती से मुलाकात के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश पार्टी मुख्यालय पहुंचे और दल के नेताओं से चुनाव परिणामों के बाद की रणनीति पर चर्चा की है. जब अखिलेश यादव कार्यालय पहुंचे थे तो ज्यादा कार्यकर्ता वहां नहीं थे. अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के तमाम नेताओं को ये उम्मीद है कि गठबंधन यूपी में 50 से ज्यादा सीटें जीतेगा.

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