खतरे की घंटी : 5 चरणों की चुनावी पिच पर क्लीन स्वीप नहीं बोल्ड होने का है डर

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लोकसभा चुनाव के 2 चरणों का मतदान हो चुका है. इन दो चरणों में 186 सीटों पर वोटिंग हुई है. ये वो सीटें थीं जहां पर क्षेत्रिय दलों की स्थिति कमोवेश राष्ट्रीय दलों से बेहतर थी. लेकिन अब जो पांच चरणों में 356 सीटों पर वोटिंग होनी हैं वहां पर मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. 2014 के चुनाव में बीजेपी ने इन 356 में 223 सीटें जीती थीं.

मप्र, राजस्थान, गुजरात, झारखंड, हरियाणा ये वो राज्य हैं जहां पर अगले पांच चरणों में वोटिंग होगी. ये वो राज्य हैं जहां पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. यहां आपको ये भी समझ लेना चाहिए कि 2014 में भाजपा की कुल जीती हुई 282 सीटों में से 80% सीटें ऐसी हैं जिनपर इन पांच चरणों में मतदान होना है. तीसरे से लेकर सातवें चरण तक 21 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की सीटों पर मतदान होगा ये वो सीटें हैं जहां बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था.

पहले चरण में क्षेत्रिय दल ज्यादा मजबूत

पहले चरण में 11 अप्रैल और दूसरा चरण 18 अप्रैल को हुआ था. पहले चरण में 91 और दूसरे चरण में 95 सीटों पर वोटिंग हुई थी. पहले चरण की बात करें तो इस चरण में हुई 91 सीटों पर वोटिंग में बीजेपी ने पिछली बार 32 और कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं. पहले चरण में आंध्र की सभी 25 और तेलंगाना की सभी 17 सीटें भी शामिल थीं ये वो सीटें थीं जहां पर टीआरएस, तेदेपा और वाईएसआरसी जैसे क्षेत्रीय दल मजबूत थे. इन दो राज्यों की जिन 42 सीटों पर वोटिंग हो गई है वहां पर बीजेपी कांग्रेस के पास ज्यादा कुछ है नहीं यहां पर बीजेपी को 3 और कांग्रेस को 2 सीटें ही मिली थीं.

दूसरे चरण में बीजेपी को नुकसान ज्यादा

दूसरे चरण की वोटिंग 18 अप्रैल को हुई. इस चरण में 95 सीटों पर वोट डाले गए जिसमें बीजेपी ने 27 और कांग्रेस ने 12 सीटों पर जीत हासिल की थी 2014 में. लेकिन इस बार हालात बदल सकते हैं. दूसरे चरण में तमिलनाडु की 39 में से 38 सीटों पर भी वोटिंग हुई थी जहां 2014 में क्षेत्रीय दल भाजपा-कांग्रेस से बेहतर स्थिति में थे और इस बार भी ऐसी ही संभावना है. 2014 में तमिलनाडु में बीजेपी ने 39 सीटों में से सिर्फ एक सीट पर जीती थी. यहां कांग्रेस एक भी सीट नहीं जी पाई थी. वहीं 2009 में कांग्रेस ने यहां 8 सीटें जीती थीं. इस बार बीजेपी और कांग्रेस ने यहां क्षेत्रिय दलों से गठबंधन किया है जिसमें कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन मजबूत है.

अगले पांच चरण, अब होगा असली रण

अब जहां वोट डाले जाएंगे वहां 10 राज्य जिसमें गोवा, गुजरात, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, त्रिपुरा और हिमाचल में बीजेपी की सरकार है. 5 राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक और पंजाब की सरकार है. 4 राज्यों में क्षेत्रिय दलों की सरकारें हैं जिसमें केरल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली है. यहां आप ये भी भी समझ लीजिए कि राजस्थान 25 में 25 सीटें बीजेपी के पास हैं, गुजरात की 26 में से 26 सीटें बीजेपी के पास हैं, हिमाचल की चार और गोवा की 2 सीटें बीजेपी के पास हैं. दिल्ली की सात, दादर-नागर हवेली, दमन द्वीप, चंडीगढ़ की एक-एक सीट पर भी बीजेपी का कब्जा है.

जहां है बीजेपी का 100% सक्सेस रेट

तीसरे चरण में 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात की सभी 26 सीटों पर वोटिंग होनी है. पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा ने यहां की सभी सीटें जीती थीं। 2001 के बाद से ही राज्य में भाजपा की सरकार है. 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में 2001 के बाद पहली बार भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट गई थी. हालांकि, 99 सीटों के साथ भाजपा राज्य में सरकार बनाने में कामयाब रही थी. राजस्थान में 29 अप्रैल और 6 मई को कुल 25 सीटों पर मतदान होगा. यहां अभी कांग्रेस में सत्ता में है. पिछली बार भाजपा ने यहां की सभी 25 लोकसभा सीटें जीती थीं.

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