चुनाव आयोग कुछ भी कर ले, ये नेता ना सुधरने के

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चुनावी माहौल में नेताओं के बयान कुछ ज्यादा ही तीखे हो जाते हैं. लेकिन जब ये इतने तीखे हो जाएं कि चुनाव आयोग को चुभने लगे तो कार्रवाई होती है. चुंकि आचार संहिता लगी हुई है और इसके कुछ नियन होते है लिहाजा चुनाव आयोग कार्रवाई करता है. यहां सवाल ये है कि क्या कार्रवाई से नेता सुधरते हैं. इसका जवाब इस बात से समझ सकते हैं कि आजम खान और योगी आदित्यनाथ ने बैन हटते हुए विवादित बयान दे दिया है.

योगी ने संभल में दिया विवादित बयान

यूपी के सीएम बीजेपी के फायरब्रांड प्रचारक हैं. योगी ने अली और बजरंगबली पर बयान दिया था और इसके बाद चुनाव आयोग ने उनके ऊपर 72 घंटे के लिए बैन कर दिया था. बैन के दौरान योगी प्रचार की जगह पूजा करने लगे. और जैसे ही बैन हटा उन्होंने एक और विवादित बयान दे डाला. संभल में एक रैली के दौरान अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए सपा-बसपा को परिवारवाद वाली पार्टियां बताया और यहां योगी कुछ ऐसा बोल गए, जिस पर विवाद हो सकता है. टीवी9 भारतवर्ष की एक खबर के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने संभल की रैली में अपने भाषण में कहा कि बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या?”

संभल से बीजेपी ने परमेश्वर लाल सैनी को टिकट दिया है और यहां पर सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की तरफ से शफीकुर रहमान बर्क को चुनाव मैदान में उतारा है. कांग्रेस की तरफ से जेपी सिंह चुनाव मैदान में हैं. संभल लोकसभा सीट पर मुस्लिम और यादव मतदाताओं का अच्छा खासा प्रभाव है लिहाजा यहां गठबंधन मजबूत नजर आ रहा है.

आजन ने भी मुंह खोलते ही दिया विवादित बयान

बात योगी तक ही सीमित नहीं है. रामपुर से सपा प्रत्याशी आजम खान के ऊपर भी चुनाव आयोग ने बैन लगाया था. चुनाव आयोग ने आजम खान पर 72 घंटे का बैन लगाया था और जैसे ही बैन खत्म हुआ आजम खान मुरादाबाद में जनसभा को संबोधित करने पहुंच गए. इस रैली में आजम खान ने न सिर्फ वोटर्स पर हमला किया बल्कि मीडिया पर भी निशाना साधा. आजम खान ने कहा- कांग्रेस को वोट देकर अपना वोट न बर्बाद करें, गंदगी खाना है तो सीधे खाए, चांदी का बर्क लगाकर मत खाओ. आजम खान ने कहा,

इनकी खबरों पर मत जाना, ये तुम्हारे दुश्मन हैं. इन्होंने दो दिन मेरे लिए जो जुबान इस्तेमाल की है, अगर मैं पत्थर से ना बना होता तो मेरा दिल फट जाता है. इन्हें सिर्फ पैसा चाहिए और पैसा तुम दे नहीं सकते. इनकी खबरों को मत देखा करो, बंद करदो टेलीविजन पर खबर देखना। टीवी सुकून के लिए होता है, ये पैसा इसलिए नहीं खर्च करते कि अपने और अपनी कौम के लिए गालियां सुनो.

इससे पहले आजम खान ने रामपुर में एक विवादित बयान दिया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि,

रामपुर वालों, उत्तर प्रदेश वालों, हिंदुस्तान वालों! उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गए। मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का जो अंडरवियर है वह भी खाकी रंग का है। मैं 17 दिन में पहचान गया, आपको पहचानने में 17 बरस लगे, 17 बरस।’ वहीं आजम खान के इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि आजम ने अपने इस बयान में किसी का भी नाम नहीं लिया था‘बाबर की औलाद को देश सौंपना चाहते हैं क्या?’,

अब एक बार फिर आजम खान ने विवादित बयान दिया और उन्होंने मतदाताओं मीडिया वालों को चुनौती दी है.

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