योगी आदित्यनाथ पर प्रियंका गांधी का सबसे बड़ा हमला

पश्चिमी यूपी में बीजेपी को 2014 और 2017 के चुनाव में भरपूर समर्थन मिला था. लेकिन 2019 में बीजेपी के खिलाफ कुछ बातें जा सकती हैं. बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी गन्ना किसान खड़ी कर सकते हैं. प्रियंका गांधी ने इसलिए ये मुद्दा उठाया है.

प्रियंका की प्लानिंग को आप इस तरह समझ सकते हैं कि 11 अप्रैल को पश्चिमी यूपी की जिन सीटों पर वोट डाले जाएंगें उनमें मेरठ, बागपत, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर जैसी सीटें शामिल हैं. यहां बीजेपी को गन्ना किसानों का गुस्सा झेलना पड़ सकता है. यूपी में गन्‍ना किसानों का 10 हजार करोड़ से ज्‍यादा बकाया है और इसमें 4,547.97 करोड़ रुपए यानी 45 फीसदी से ज्यादा उन 6 लोकसभा सीटों के किसानों का है जिन्हें पहले चरण में वोट डालना है. प्रियंका ये आंकड़ा अच्छी तरह समझती हैं.

गन्ना किसानों की कितना बकाया?

लखनऊ गन्ना कमिश्नर ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक 22 मार्च तक राज्य की चीनी मिलों ने चालू 2018-19 पेराई सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान 24,888.65 करोड़ रुपए का गन्ना खरीदा है. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सामान्य गन्ने के लिए 315 रुपए और परिपक्व किस्म के गन्नों के लिेए 325 रुपए प्रति क्विंटल के रेट तय किए गए. चीनों मिलों को गन्ना लेने के 14 दिनों के भीतर 22,175.21 करोड़ रुपए का भुगतान करना था. लेकिन सच्चाई ये है कि सिर्फ 12,339.04 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया गया है.

बीजेपी को हो सकता है नुकसान

पहले चरण में पश्चिमी यूपी जिन लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे वहां के गन्ना किसानों को 4,547.97 करोड़ रुपया बकाया है. मेरठ, बागपत, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर की चीनी मिलों ने गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया है और किसान इससे खासे खफा है. आपको बता दें कि पहले चरण में इन 6 और उत्तर पश्चिमी यूपी की दो सीटों गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर पर लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल को होने हैं.

प्रियंका गांधी ने किया योगी पर हमला

प्रियंका गांधी ने अब ये बात स्पष्ट कर दी है वो किसी भी कीमत पर बीजेपी को छोड़ना नहीं चाहती. उन्होंने गन्ना किसानों को लेकर योगी आदित्यनाथ पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. उन्होंने ट्वीट करके गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया है.

प्रियंका गांधी अच्छी तरह समझती हैं पहले चरण का मतदान जिन लोकसभा सीटों पर होना है. वहां पर गन्ना किसानों का बड़ा फैक्टर है और इसलिए उन्होंने ये मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा है कि गन्ना किसान दिन-रात मेहनत करते हैं और सरकार उनकी मेहनत ये सिला देती है. उन्होंने इस दौरान मध्यप्रदेश की सरकार की तारीफ भी की है.

यहां आपको एक बात और बता दें कि इन सभी सीटों पर 2014 में बीजेपी जीती थी. 2017 में जब विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी ने यहां की 30 विधानसभा सीटों में 24 पर जीत दर्ज की थी. गन्ना किसानों की नाराजगी का सामना इसलिए भी बीजेपी को करना पड़ सकता है क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने गन्ना किसानों से वादा किया था कि वो गन्ना किसानों को 14 दिनों के भीतर भुगतान करेगी.

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